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‘ये पद सत्ता नहीं, सेवा के लिए मिला है’: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई को किया याद, युवाओं को 3 मंत्र

"स्टार्टअप्स की दुनिया में आज भारत विश्व में एक प्रकार से नेतृत्व कर रहा है। साल दर साल स्टार्टअप्स को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है। ये क्षेत्र बहुत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 नवंबर 2021) को मन की बात के 83वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों को बचाने, सरकारी योजनाओं, रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं, मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न, संतों, देश के सुरक्षाबलों और आजादी के अमृत महोत्सव पर बात की।

पीएम ने कहा, ”मैं आज भी सत्ता में नहीं हूँ और भविष्य में भी सत्ता में जाना नहीं चाहता हूँ। मैं सिर्फ सेवा में रहना चाहता हूँ। मेरे लिए ये पद, सत्ता के लिए है ही नहीं, सेवा के लिए है।”

उन्होंने युवाओं को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि युवाओं से समृद्ध हर देश में तीन चीजें बहुत मायने रखती हैं। पहली चीज है– Ideas और Innovation दूसरी है– जोखिम लेने का जज्बा तीसरी है– Can Do Spirit, यानी किसी भी काम को पूरा करने की जिद्द, जब ये 3 चीजें आपस में मिलती हैं तो अभूतपूर्व परिणाम मिलते हैं। पीएम ने आगे कहा, “StartUps की दुनिया में आज भारत विश्व में एक प्रकार से नेतृत्व कर रहा है। साल दर साल StartUps को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है। ये क्षेत्र बहुत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। देश के हर छोटे-छोटे शहर में भी StartUp की पहुँच बढ़ी है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर को याद करते हुए कहा, “दिसम्बर महीने में एक और बड़ा दिन आता है, जिससे हम प्रेरणा लेते हैं। ये दिन 6 दिसम्बर है, जिस दिन बाबा साहब अम्बेडकर की पुण्यतिथि है। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन देश और समाज के लिये अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिये समर्पित किया था।”

पीएम मोदी ने मन की बात में अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ”अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है। अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर संसद तक, अमृत महोत्सव की गूँज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान देने वालों को भी याद किया। उन्होंने कहा, ”झाँसी और बुंदेलखंड का कितना बड़ा योगदान है, ये हम सब जानते हैं। यहाँ रानी लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएँ भी हुईं और मेजर ध्यानचंद जैसे खेल रत्न भी इस क्षेत्र ने देश को दिये हैं।” इसके साथ ही पीएम ने वृन्दावन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। हमारे संतों ने भी कहा है, ”यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर। वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और।”

उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में Navy Day और Armed Forces Flag Day भी देश मनाता है। हम सबको मालूम है 16 दिसम्बर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयन्ती वर्ष भी देश मना रहा है। मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूँ, हमारे वीरों का स्मरण करता हूँ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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