Tuesday, April 23, 2024
Homeराजनीतिचुनावी रणनीति बनाने से प्रशांत किशोर ने की तौबा, 'नई राह' पर निकलने की...

चुनावी रणनीति बनाने से प्रशांत किशोर ने की तौबा, ‘नई राह’ पर निकलने की बात कही

"क्योंकि मैं काफी कुछ कर चुका हूँ। आठ-नौ साल ये करना मुश्किल काम होता है। मैं ये काफी कर चुका हूँ। मैं ज़िंदगी में कुछ और करना चाहता हूँ जो मैं करूँगा। मैं जिंदगी भर यही काम नहीं करता रह सकता। मैं अपने आस-पास मौजूद लोगों को हर बातचीत में ये बात कहता रहा हूँ।"

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने चुनावी कामकाज से संन्यास ले लिया है। NDTV से खास बातचीत में प्रशांत किशोर ने बताया है कि वो आगे अब ये काम नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि वो अपनी कंपनी I-PAC को छोड़ कर दूसरे करियर को आगे बढ़ाने वाले हैं।

NDTV को दिए एक इंटरव्यू में, प्रशांत किशोर ने अपने सहयोगियों को इसे सौंपने के अपने फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह अपने लिए कुछ समय निकालना चाहते हैं और एक वैकल्पिक करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह महीनों से अपने परिवार से नहीं मिले हैं।

जब उनसे पूछा गया कि वे क्यों छोड़ रहे हैं तो प्रशांत किशोर का जवाब था, “क्योंकि मैं काफी कुछ कर चुका हूँ। आठ-नौ साल ये करना मुश्किल काम होता है। मैं ये काफी कर चुका हूँ। मैं ज़िंदगी में कुछ और करना चाहता हूँ जो मैं करूँगा। मैं जिंदगी भर यही काम नहीं करता रह सकता। मैं अपने आस-पास मौजूद लोगों को हर बातचीत में ये बात कहता रहा हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा मेरी कंपनी आईपैक में काफी योग्य लोग हैं। जो लोग यहाँ काम करते हैं। मुझे यहाँ बस उनके काम का क्रेडिट मिल जाता है। ये समय है कि वे जिम्मेदारी अपने हाथ में लें और वो जो करना चाहते हैं आईपैक के ब्रैंड के तहत करके दिखाएँ। मैं अपने हिस्से का योगदान दे चुका हूँ। आईपैक में मेरे सहयोगियों के लिए ये जिम्मेदारी सँभालने का समय है। ये मेरे लिए ब्रेक लेने का समय है और जिंदगी में कुछ और चीजों के बारे में सोचने का समय है। मैं किसी सँभावना को खारिज या स्वीकार नहीं कर रहा हूँ, बस ये जगह छोड़ना चाह रहा हूँ।”

इसे एक झटके के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि अभी तक के रुझानों से ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस पश्चिम बंगाल में विजयी होगी। किशोर ने यह भी चुनौती दी थी कि अगर बीजेपी ने दहाई आँकड़े को पार कर लिया तो वह ट्विटर और अपने वर्तमान करियर को छोड़ देंगे। आश्चर्य की बात है कि ऐसा नहीं होने के बावजूद यह मतगणना समाप्त होने से पहले ही किशोर ने अपने रणनीतिकार करियर को छोड़ने का निर्णय ले लिया।

मार्च में, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए प्रशांत किशोर को अपना राजनीतिक सलाहकार घोषित किया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM रहते मुस्लिमों को OBC सूची में जोड़ा’: आधा-अधूरा वीडियो शेयर कर झूठ फैला रहे कॉन्ग्रेसी हैंडल्स, सच सहन नहीं...

कॉन्ग्रेस के शासनकाल में ही कलाल मुस्लिमों को OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा।

‘खुद को भगवान राम से भी बड़ा समझती है कॉन्ग्रेस, उसके राज में बढ़ी माओवादी हिंसा’: छत्तीसगढ़ के महासमुंद और जांजगीर-चांपा में बोले PM...

PM नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस खुद को भगवान राम से भी बड़ा मानती है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार है, तब तक आपके हक का पैसा सीधे आपके खाते में पहुँचता रहेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe