Friday, July 1, 2022
Homeराजनीतिप्रशांत किशोर ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट से बने मतदाता, राज्य सभा की अटकलों...

प्रशांत किशोर ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट से बने मतदाता, राज्य सभा की अटकलों के बीच वोटर लिस्ट जारी कर भाजपा ने उठाए सवाल

"मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं दिख रहा है। वह एक भारतीय नागरिक है और किसी भी राज्य का मतदाता बन सकते हैं। दूसरा, अगर कोई राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे उस राज्य का मतदाता होना चाहिए। मैं उसकी योजनाओं को नहीं जानता। वह एक घर में रह रहे हैं और इसलिए वे मतदाता बने हैं।''

पश्चिम बंगाल में आगामी गुरुवार (30 सितंबर 2021) को भवानीपुर में वोटिंग होने जा रही है। उपचुनाव से ठीक पहले रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर सीट से अपना मतदाता के रूप में नामांकन करा लिया है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार प्रशांत किशोर 159 विधानसभा सीट भवानीपुर के मतदाता हैं। भाजपा ने सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) पर आगामी चुनाव जीतने के लिए प्रशांत किशोर जैसे ‘बोहिरागातो’ यानी ‘बाहरी लोगों’ पर भरोसा करने के लिए तंज कसा है।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के मीडिया प्रभारी सप्तर्षि चौधरी ने किशोर का मतदाता पंजीकरण ट्विटर पर साझा किया है। चौधरी ने लिखा, ”आखिरकार, प्रशांत किशोर भवानीपुर में एक पंजीकृत मतदाता हैं। क्या बंगाल की बेटी बाहरी लोगों का वोट चाहती है? राज्य के लोग जानना चाहते हैं।”

साभार: ट्विटर

कथित तौर पर किशोर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी के एड्रेस को अपना ‘केयर ऑफ’ पता दिया है। दरअसल, उन्हें कोरोना म​हामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान अभिषेक बनर्जी ने अपने यहाँ स्थान दिया था। वह पहले बिहार के सासाराम जिले से मतदाता के रूप में पंजीकृत थे, जो उनका पैतृक गाँव है।

ममता बनर्जी की ‘बाहरी बनाम बंगाली’ बयानबाजी

किशोर भवानीपुर से मतदाता के रूप में नामांकन करा कर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं, क्योंकि ममता बनर्जी ने राज्य के चुनावों के लिए ‘बाहरी लोगों’ के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया था। बीजेपी उम्मीदवारों और नेताओं को ‘दूसरे राज्य के गुंडे’ बताते हुए बनर्जी ने अपनी चुनावी रैली में कहा था, “यदि आप बीजेपी को वोट देते हैं, तो वे आपको राज्य से बाहर निकाल देंगे।” बनर्जी ने आरोप लगाया था, “अन्य राज्य के गुंडे यहाँ आएँगे और बंगाल पर कब्जा कर लेंगे। वो लोग यहाँ की संस्कृति और पहचान को भी नष्ट कर देंगे।”

राज्यसभा भेजे जाएँगे प्रशांत किशोर?

मीडिया में कई रिपोर्टें सामने आई थीं, जिसमें दावा किया गया था कि टीएमसी की योजना चुनावी रणनीतिकार को राज्यसभा भेजने की है। हालाँकि, इसको लेकर टीएमसी नेता सौगत रॉय के हवाले से कहा गया है कि अगर कोई राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहता है तो उसका राज्य का मतदाता बनना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं दिख रहा है। वह एक भारतीय नागरिक है और किसी भी राज्य का मतदाता बन सकते हैं। दूसरा, अगर कोई राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे उस राज्य का मतदाता होना चाहिए। मैं उसकी योजनाओं को नहीं जानता। वह एक घर में रह रहे हैं और इसलिए वे मतदाता बने हैं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, नहीं थी किसी को कल्पना’: राजनीति के धुरंधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी खा गए गच्चा, कहा- उम्मीद थी वो...

शरद पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात की कल्पना नहीं थी कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया जाएगा।

आँखों के सामने बच्चों को खोने के बाद राजनीति से मोहभंग, RSS से लगाव: ऑटो चलाने से महाराष्ट्र के CM बनने तक शिंदे का...

साल में 2000 में दो बच्चों की मौत के बाद एकनाथ शिंदे का राजनीति से मोहभंग हुआ। बाद में आनंद दिघे उन्हें वापस राजनीति में लाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
201,269FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe