Thursday, April 15, 2021
Home राजनीति आर्थिक गड़बड़ी 2007-08 (मनमोहन-सोनिया की UPA सरकार) के गलत कर्जों से शुरू हुई: रघुराम...

आर्थिक गड़बड़ी 2007-08 (मनमोहन-सोनिया की UPA सरकार) के गलत कर्जों से शुरू हुई: रघुराम राजन

"एनबीएफसी कंपनियों को पैसा दिया जाना चाहिए ताकि वे कर्ज लेने-देने का काम चालू कर सकें। यह अर्थव्यवस्था को वापस ट्रैक पर लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सरकार को बैंकों और एनबीएफसी सेक्टर की 'सफाई' में..."

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की हालत सुधारने के प्रति होनी चाहिए। चैनल सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि एनबीएफसी कंपनियों को पैसा दिया जाना चाहिए ताकि वे कर्ज लेने-देने का काम चालू कर सकें। उनकी राय में यह अर्थव्यवस्था को वापस ट्रैक पर लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने सरकार को बैंकों और एनबीएफसी सेक्टर की ‘सफाई’ में भी गति लाने की सलाह दी

राजन ने बैंकों के फँसे कर्जों के संकट (एनपीए क्राइसिस) के बारे में कहा कि इसके बीज 2007-08 में पड़ गए थे। उन्होंने आरबीआई का चार्ज 2013 में लिया था। गौरतलब है कि 2007-08 में मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी की कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार सत्ता में थी। राजन के मुताबिक इस काल खंड में बहुत सारे खराब कर्ज बाँटे गए और आज इनकी साफ़-सफाई होना विकास के लिए ज़रूरी है। उन्होंने दावा किया कि उनके समय से ही आरबीआई ने फंसे कर्जों में सुधार के लिए बैंकों के मैनेजमेंट पर कड़ाई शुरू कर दी थी, और मोदी सरकार को इसमें और ज़्यादा तेज़ी लाने की ज़रूरत है।

राजन का इसके पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ सार्वजनिक विवाद हो चुका है, और ऐसा माना जा रहा है कि वे सीतारमण के आरोपों का ही प्रत्युत्तर दे रहे थे। इसी महीने के मध्य में मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने कार्यकाल में सरकारी बैंकों की कथित बदहाली का बचाव करते हुए कहा था कि मनमोहन सिंह-रघुराम राजन काल में बैंकों की वित्तीय स्थिति का “सबसे बुरा दौर” था। बैंक अभी तक उसी से उबर नहीं पाए हैं। वित्त मंत्री उस समय कोलम्बिया विश्वविद्यालय के दीपक और नीरा राज भारतीय आर्थिक नीति केंद्र द्वारा आयोजित लेक्चर में बोल रहीं थीं।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हालाँकि वे राजन का सम्मान करती हैं, लेकिन यह जानना और जनता के सामने सच रखना आवश्यक है कि यह बीमारी आखिर आई कहाँ से। उन्होंने कहा, “भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए (रघुराम) राजन के RBI गवर्नर और (मनमोहन) सिंह के प्रधानमंत्री रहने के समय से बुरा समय अभी तक नहीं हुआ है। उस समय हम में से किसी को इसके बारे में नहीं पता था।”

इसके जवाब में इस इंटरव्यू में राजन ने उन्हें याद दिलाया है कि उनके (राजन के) कार्यकाल का दो-तिहाई हिस्सा मोदी सरकार के मातहत ही गुज़रा था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में ‘गौमांस’ वाले कॉन्ग्रेसी MLA इरफान अंसारी ने की पूजा, BJP सांसद ने उठाई गिरफ्तारी की माँग

"जिस तरह काबा में गैर मुस्लिम नहीं जा सकते, उसी तरह द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गैर हिंदू का प्रवेश नहीं। इरफान अंसारी ने..."

‘मुहर्रम के कारण दुर्गा विसर्जन को रोका’ – कॉन्ग्रेस के साथी मौलाना सिद्दीकी का ममता पर आरोप

भाईचारे का राग अलाप रहे मौलाना फुरफुरा शरीफ के वही पीरजादा हैं, जिन्होंने अप्रैल 2020 में वायरस से 50 करोड़ हिंदुओं के मरने की दुआ माँगी थी।

‘जब गैर मजहबी मरते हैं तो खुशी…’ – नाइजीरिया का मंत्री, जिसके अलकायदा-तालिबान समर्थन को लेकर विदेशी मीडिया में बवाल

“यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में... या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”

मजनू का टीला: पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की इस तरह से मदद कर रहा ‘सेवा भारती’, केजरीवाल सरकार ने छोड़ा बेसहारा

धर्मवीर ने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उनकी नहीं सुनी, न कोई सुध ली। वो 5-6 साल पहले यहाँ आए थे। इसके बाद नहीं आए। उन्होंने बिजली लगाने का वादा किया था, लेकिन कुछ भी नहीं किया। RSS ने हमारी मदद की है

मथुरा की अदालत में फिर उठी मस्जिद की सीढ़ियों से भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियाँ निकलवाने की माँग: 10 मई को अगली सुनवाई

मथुरा की अदालत में एक बार फिर से सन् 1670 में ध्वस्त किए गए श्रीकृष्ण मंदिर की मूर्तियों को आगरा फोर्ट की मस्जिद से निकलवाने की माँग की गई है।

उदित राज ने कुम्भ पर फैलाया फेक न्यूज, 2013 की तस्वीर को जोड़ा तबलीगी जमात से: लोगों ने दिखाया आइना

“1500 तबलिगी जमात भारत में कोरोना जेहाद कर रहे थे और अब लाखों साधू जुटे कुम्भ में उस जेहाद और कोरोना से निपटने के लिए।”

प्रचलित ख़बरें

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

छबड़ा में कर्फ्यू जारी, इंटरनेट पर पाबंदी बढ़ी: व्यापारियों का ऐलान- दोषियों की गिरफ्तारी तक नहीं खुलेंगी दुकानें

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा में आबिद, फरीद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन भड़की हिंसा में मुस्लिम भीड़ ने 6 दर्जन के करीब दुकानें जला डाली थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,215FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe