Homeराजनीतिराहुल गाँधी तो अमेठी से हार गए, क्या सिद्धू लेंगे राजनीति से सन्यास?

राहुल गाँधी तो अमेठी से हार गए, क्या सिद्धू लेंगे राजनीति से सन्यास?

ट्विटर पर लोग इंतजार कर रहे हैं कि सिद्धू अपने बयान पर कायम रह पाएँगे या नहीं। कुछ का कहना है कि अब सिद्धू राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंंट्री में वापस चले जाएँगे।

पिछले महीने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा छोड़कर कॉन्ग्रेस में आए नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने घोषणा की थी कि अगर लोकसभा 2019 में अमेठी से राहुल गाँधी हार जाएँगे तो सिद्धू राजनीति से सन्यास ले लेंगे। अब चूँकि तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो चुकी है और स्मृति ईरानी को हर जगह से जीत की बधाइयाँ मिल रही हैं, और राहुल गाँधी खुद अपनी हार स्वीकार चुके हैं तो सोशल मीडिया यूजर्स सिद्धू से उनसे इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

सिद्धू के एक महीने पुराने बयान को प्रासंगिक बनाया जा रहा है। ट्विटर पर लोग इंतजार कर रहे हैं कि सिद्धू अपने बयान पर कायम रह पाएँगे या नहीं। कुछ का कहना है कि अब सिद्धू राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंंट्री में वापस चले जाएँगे। तो, कुछ के मुताबिक अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को नवजोत सिंह सिद्धू से राहत मिलने वाली है। ट्विटर पर यूजर्स का कहना है कि सिद्धू को केवल कॉमेडी शो को जज करना चाहिए, राजनीति उनके बस की बात नहीं हैं।

गौरतलब है 23 मई को चुनाव परिणाम साफ़ होने के बाद स्मृति ईरानी को हर ओर से बधाइयाँ मिल रही है। राहुल गाँधी ने खुद स्मृति ईरानी को संदेश देते हुए कहा कि अमेठी से स्मृति ईरानी ने जीत हासिल की है। वो चाहते हैं कि स्मृति ईरानी प्यार से अमेठी की जनता का ख्याल रखेंं। बता दें राहुल गाँधी लगातार तीन बार से अमेठी में जीत रहे थे लेकिन इन लोकसभा चुनाव में स्मृति ने उन्हें बड़ी टक्कर दी और वहाँ से जीत दर्ज कराई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाईवे चीन-पाकिस्तान के CPEC को देगा मात, लुक-ईस्ट नीति को मिलेगी मजबूती: जानिए क्यों 24 साल में भी पूरा नहीं हो पाया ये...

इंडिया-म्यांमार-थाईलैंड (आईएमटी) प्रोजेक्ट सामरिक मोर्चे पर चीन के बहुप्रचारित सीपीईसी को सीधी और करारी टक्कर देने का दम रखता है।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज पर वामपंथियों का प्रोपेगेंडा: सामने आए Kautilya3, Shahinshah121 व TrangaBellam जैसे नाम, जानें इनका इतिहास

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज में बदलावों को लेकर NPOV रिपोर्ट ने Wikipedia की निष्पक्षता पर खड़े किए सवाल। जानें पूरा मामला।
- विज्ञापन -