Sunday, February 28, 2021
Home राजनीति राहुल गाँधी झोला उठाने को तैयार: Zoom प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही 'दिल की बात',...

राहुल गाँधी झोला उठाने को तैयार: Zoom प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ‘दिल की बात’, महाराष्ट्र पर दिखाई लाचारी

"हमारा काम बस अपोजिशन का है। हमारा काम सरकार पर प्रेशर डालने का है। अगर सरकार कुछ नहीं देख रही या इग्नोर कर रही है तो उसको हाईलाइट करना हमारा काम है। मैंने जो फरवरी में किया था, वही मैं आज भी कर रहा हूँ... मैंने अपनी पोजिशन नहीं बदली है।"

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने लॉकडाउन की स्थिति और कोरोना वायरस को लेकर आज प्रेस वार्ता में कई ऐसी बातें कहीं, जिनसे उनके बेबसी और निर्णय ना ले पाने की असमर्थता का पता चलता है।

राहुल गाँधी ने ना सिर्फ महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस को शिवसेना से अलग बताया बल्कि यह भी कहा कि उन्हें इजाजत नहीं मिलती वरना वो प्रवासियों के बैग अपने कंधों पर लेकर निकल रहे होते। साथ ही राहुल गाँधी ने चीन से चल रहे विवाद पर केंद्र सरकार को स्पष्ट बातचीत करने का आग्रह भी किया।

प्रेस वार्ता में कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के बेटे राहुल गाँधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो कोरोना से 21 दिनों की जंग लड़ने जा रहे हैं जबकि आज 60 दिन हो गए हैं।

राहुल गाँधी ने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहाँ वायरस तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन फेल हुआ है और जो लक्ष्य पीएम नरेंद्र मोदी का था, वह पूरा नहीं है।

प्रेस वार्ता में राहुल गाँधी ने महाराष्ट्र राज्य में कोरोना वायरस के प्रकोप के लिए कॉन्ग्रेस को उत्तरदायी बताने से पीछे हटते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस महाराष्ट्र में निर्णय लेने की भूमिका में नहीं है।

राहुल गाँधी ने कहा कि सरकार चलाने और राज्य में सरकार का समर्थन करने के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में निर्णय लेने वाली भूमिका में माना जा सकता है, लेकिन महाराष्ट्र में नहीं।

राहुल गाँधी ने यह बयान प्रवासी श्रमिकों से लेकर कोरोना वायरस तक के मामले में महाराष्ट्र सरकार की विफलता वाले प्रश्न पर दिया। यही नहीं, शिवसेना के बचाव में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में महाराष्ट्र राज्य की हर संभव मदद करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र इस समय एक कठिन लड़ाई लड़ रहा है।

लॉकडाउन के बीच अपनी भूमिका के बारे में राहुल गाँधी ने कहा- “हमारा काम बस अपोजिशन का है। हमारा काम सरकार पर प्रेशर डालने का है। अगर सरकार कुछ नहीं देख रही या इग्नोर कर रही है तो उसको हाईलाइट करना हमारा काम है। मैंने जो फरवरी में किया था, वही मैं आज भी कर रहा हूँ… मैंने अपनी पोजिशन नहीं बदली है।”

वहीं ट्रांसपोर्टेशन के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि मैं एक्सपर्ट नहीं हूँ। हाल ही में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक बयान पर पत्रकारों के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा – “अगर वह मुझे परमिशन दें तो मैं एक का नहीं 10-15 लोगों का बैग उठाकर ले जाऊं, लेकिन मेरा लक्ष्य है कि जो उन मजदूरों के दिल में है वह बात हिन्दुस्तान के दिल में पहुँचे।”

उन्होंने कहा- “मैंने डॉक्यूमेंट्री इसलिए बनाई ताकि हिन्दुस्तान इनका दुख समझे, इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है। अगर वित्त मंत्री को लगता है कि मैं ड्रामा कर रहा हूँ तो ठीक है, मुझे परमिशन दें और मैं उत्तर प्रदेश जाउँगा। जितने लोगों की मदद कर पाउँगा करूँगा।

विवादित Zoom ऐप से एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस

राहुल गाँधी लॉकडाउन के दौरान प्रेस वार्ता के लिए ज़ूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी और उनके समर्थक इन्टरनेट पर लगातार आरोग्य सेतु ऐप की गोपनीयता नीतियों को लेकर भ्रामक दावे कर लोगों को गुमराह करते देखे गए हैं, जबकि Zoom ऐप की प्राइवेसी लगातार चर्चा और विवाद का विषय रही है।

अमेरिकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप ‘जूम’ को भारत में प्रतिबंधित करने की माँग की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया करते हुए केंद्र से चार हफ्ते के भीतर मामले पर जवाब माँगा था और साथ ही, जूम को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा था।

इस याचिका में कहा गया था कि ज़ूम ऐप के इस्तेमाल से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसके अलावा इस अमेरिकी ऐप के जरिए अलग-अलग तरह के साइबर अपराधों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

Zoom ऐप की विश्वसनीयता पर संदेह के कारण ही गृह मंत्रालय ने भी निर्देश जारी करते हुए कहा था कि वीडियो मीटिंग के लिए या सरकार के अधिकारियों और कार्यालयों द्वारा किसी भी उद्देश्य के लिए जूम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं, राहुल गाँधी कई बार जूम ऐप की मदद से वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए देखा गया है, जो कि बेहद संवेदनशील विषय हो सकता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘किसानों के लिए डेथ वारंट है ये तीनों कृषि कानून, दिल्ली हिंसा में बीजेपी के लोग शामिल’: महापंचायत में केजरीवाल

केजरीवाल ने कहा कि किसानों के उपर लाठियाँ बरसाई गई। यह केंद्र सरकार का ही प्‍लान था। भाजपा समर्थक ही दिल्‍ली की घटना में शामिल थे। केंद्र सरकार का प्‍लान था कि किसानों का रुट डायवर्ट कराकर दिल्‍ली में भेजा जाए। ताकि...

‘भैया राहुल आप छुट्टी पर थे, इसलिए जानकारी नहीं कि कब बना मछुआरों के लिए अलग मंत्रालय’: पुडुचेरी में अमित शाह

“कॉन्ग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने उनकी सरकार को यहाँ गिराया। आपने (कॉन्ग्रेस) मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति बनाया था, जो अपने सर्वोच्च नेता के सामने ट्रांसलेशन में भी झूठ बोले। ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया।"

‘लद्दाख छोड़ो, सिंघू बॉर्डर आओ’: खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने सिख सैनिकों को उकसाया, ऑडियो वायरल

“लद्दाख बॉर्डर को छोड़ दें और सिंघू सीमा से जुड़ें। यह भारत के लिए खुली चुनौती है, हम पंजाब को आजाद कराएँगे और खालिस्तान बनाएँगे।"

25.54 km सड़क सिर्फ 18 घंटे में: लिम्का बुक में दर्ज होगा नितिन गडकरी के मंत्रालय का रिकॉर्ड

नितिन गडकरी ने बताया कि वर्तमान में सोलापुर-विजापुर राजमार्ग के 110 किमी का कार्य प्रगति पर है, जो अक्टूबर 2021 तक पूरा हो जाएगा।

माँ माटी मानुष के नाम पर वोट… और माँ को मार रहे TMC के गुंडे: BJP कार्यकर्ता की माँ होना पीड़िता का एकमात्र दोष

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदले की दुर्भावना से प्रेरित होकर हिंसा की एक और घटना सामने आई। भाजपा कार्यकर्ता और उनकी बुजुर्ग माँ को...

‘रोक सको तो रोक लो… दिल्ली के बाद तुम्हारे पास, इंतजाम पूरा’ – ‘जैश उल हिंद’ ने ली एंटीलिया के बाहर की जिम्मेदारी

मुकेश अंबानी की एंटीलिया के बाहर एक संदिग्ध कार पार्क की हुई मिली थी। 'जैश उल हिंद' ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरा संदेश दिया है।

प्रचलित ख़बरें

कोर्ट के कुरान बाँटने के आदेश को ठुकराने वाली ऋचा भारती के पिता की गोली मार कर हत्या, शव को कुएँ में फेंका

शिकायत के अनुसार, वो अपने खेत के पास ही थे कि तभी आठ बदमाशों ने कन्धों पर रायफल रखकर उन्हें घेर लिया और फायरिंग करने लगे।

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

जलाकर मार डाले गए 27 महिला, 22 पुरुष, 10 बच्चे भी रामभक्त ही थे, अयोध्या से ही लौट रहे थे

27 फरवरी 2002 की सुबह अयोध्या से लौट रहे 59 रामभक्तों को साबरमती एक्सप्रेस में करीब 2000 लोगों की भीड़ ने जलाकर मार डाला था।

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फिर पड़ा उल्टा: बालाकोट स्ट्राइक की बरसी पर अभिनंदन के 2 मिनट के वीडियो में 16 कट

इस वीडियो में अभिनंदन कश्मीर में शांति लाने और भारत-पाकिस्तान में कोई अंतर ना होने की बात करते दिख रहे हैं। इसके साथ ही वह वीडियो में पाकिस्तानी सेना की खातिरदारी की तारीफ कर रहे हैं।

‘अल्लाह से मिलूँगी’: आयशा ने हँसते हुए की आत्महत्या, वीडियो में कहा- ‘प्यार करती हूँ आरिफ से, परेशान थोड़े न करूँगी’

पिता का आरोप है कि पैसे देने के बावजूद लालची आरिफ बीवी को मायके छोड़ गया था। उन्होंने बताया कि आयशा ने ख़ुदकुशी की धमकी दी तो आरिफ ने 'मरना है तो जाकर मर जा' भी कहा था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,201FansLike
81,835FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe