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राजस्थान के थानों में पूजा स्थल पर रोक, कहा- आस्था के नाम पर बढ़े निर्माण: बीजेपी ने बताया- तुगलकी फरमान, हिंदू संस्कृति का अपमान

सामान्यतया राजस्थान के लगभग हर थाने में शाम के समय प्रतिदिन संध्या वंदन और आरती होती है। बीजेपी ने ताजा फैसले को तुष्टिकरण करार देते हुए हिंदू आस्था पर हमला करार दिया है। पार्टी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की माँग की है।

राजस्थान में पुलिस मुख्यालय से जारी एक आदेश पर विवाद पैदा हो गया है। आदेश में थानों में पूजा स्थल के निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया है। बीजेपी ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए कहा है कि यह हिंदुओं की संस्कृति का अपमान है और हिंदू आस्था पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजस्थान पुलिस आवास विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) ए. पोन्नूचामी ने 25 अक्टूबर को यह आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि बीते कुछ सालों में पुलिस विभाग के विभिन्न कार्यालयों और परिसरों में आस्था के नाम पर जनसहभागिता से पूजा स्थल का निर्माण करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो कानून के हिसाब से नहीं है। आदेश में राजस्थान धार्मिक भवन एवं धर्म स्थल अधिनियम 1954 का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक स्थलों को गैरकानूनी बताया गया है।

एडीजी का कहना है कि पुलिस थानों के प्रशासनिक भवनों के नक्शे में पूजा स्थलों का भी प्रावधान नहीं है। उन्होंने आदेश का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार आदेश पर विवाद के बाद पुलिस मुख्यालय से एक स्पष्टीकरण भी जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि थानों और पुलिस कार्यालयों में पहले से बने पूजा स्थल इस आदेश के दायरे में नहीं रहेंगे। नए बनने वाले थाना परिसरों में इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्यतया राजस्थान के लगभग हर थाने में शाम के समय प्रतिदिन संध्या वंदन और आरती होती है। बीजेपी ने ताजा फैसले को तुष्टिकरण करार देते हुए हिंदू आस्था पर हमला करार दिया है। पार्टी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की माँग की है।

यह हिंदू आस्था केंद्रों पर हमला: बीजेपी सांसद

बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक वीडियो जारी कर इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने कहा है, “पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में सभी पुलिस थानों में आस्था के केंद्र, विशेषकर मंदिरों से मूर्तियों को हटाने का आदेश जारी किया गया है। कई थानों में तो अंग्रेजों के समय के बने हुए मंदिर हैं। यह आदेश जारी कर इस सरकार ने सीधे तौर पर हिंदू आस्था केंद्रों पर हमला किया है। ये हिंदू धर्म और संस्कृति का अपमान है। यह कृत्य कॉन्ग्रेस के तुष्टिकरण को परिलक्षित करता है।”

BJP सांसद ने कहा है कि इस तरह का आदेश जारी करना एडीजी के स्तर का काम नहीं हो सकता। ऐसा आदेश केवल सरकार ही दे सकती है। उन्होंने इस तुगलकी आदेश को वापस लेने की माँग करते हुए कहा कि हिंदू आस्था पर हमला किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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