HomeराजनीतिRLD ने क्यों चुनाव आयोग से कहा, हेमा मालिनी के विज्ञापनों पर रोक लगाई...

RLD ने क्यों चुनाव आयोग से कहा, हेमा मालिनी के विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए

उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी एल वेंकटेश्वरलु से संपर्क कर मीडिया ने इस मामले की प्रगति जाननी चाही तो उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले का जल्दी-से-जल्दी निपटारा कर दिया जाएगा।

हेमा मालिनी के ब्रांड प्रचार विज्ञापनों के खिलाफ रालोद चुनाव आयोग पहुँच गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी एल वेंकटेश्वरलु को लिखे पत्र में रालोद प्रवक्ता अनिल दुबे ने यह माँग रखी है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मथुरा लोकसभा क्षेत्र की वर्तमान सांसद और आगामी लोकसभा चुनावों में इसी सीट से प्रत्याशी हेमा मालिनी जानी-मानी अभिनेत्री और नृत्यांगना भी हैं, और इसी नाते केंट नामक आरओ वॉटर प्यूरीफायर बनाने वाली कंपनी ने उन्हें इस उत्पाद के प्रचार के लिए अनुबंधित किया हुआ है।

अपने पत्र में हेमा मालिनी को दिखाने वाले केंट के विज्ञापनों का जिक्र करते हुए अनिल दुबे ने इन्हें चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने यह भी माँग की कि या तो इन विज्ञापनों पर रोक लगाई जाए, या इनके प्रसारण का खर्च हेमा मालिनी के चुनावी खर्च में शामिल कर दिया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी एल वेंकटेश्वरलु से संपर्क कर मीडिया ने इस मामले की प्रगति जाननी चाही तो उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले का जल्दी-से-जल्दी निपटारा कर दिया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -