Wednesday, September 22, 2021
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72000 से बढ़ाकर 1 लाख 70000 रुपए: केजरीवाल सरकार के मंत्रियों को अब इतना मिलेगा वेतन

केजरीवाल सरकार दिल्ली के विधायकों के वेतन में और ज्यादा बढ़ोतरी चाहती थी लेकिन केंद्र इसके लिए तैयार नहीं था। यही वजह है कि वेतन बढ़ोतरी को मंजूरी देने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने असंतोष जताया कि दिल्ली के विधायकों का वेतन कम है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के वेतन और भत्तों सम्बन्धी प्रस्ताव को कुछ संसोधनों के साथ केंद्र ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री केजरीवाल और दिल्ली सरकार के मंत्रियों का वेतन 72,000 रुपए से बढ़ाकर 1 लाख 70,000 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है। इसे दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी भी दे दी है। इसी तरह दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष, विधानसभा में मुख्य सचेतक व विपक्ष के नेता को भी यही वेतन-भत्ता मिलेगा।

इस प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली सरकार के मंत्रियों का मूल वेतन 20000 रुपए है, जिसे बढ़ाकर 60 हजार रुपए, प्रतिदिन मिलने वाला भत्ता एक हजार से बढ़ाकर 1,500 रुपए किया गया है। विधानसभा क्षेत्र संबंधी भत्ते को 18 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह, सचिव रखने के लिए 25 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है व 10 हजार रुपए का अतिरिक्त भत्ता दिया गया है। इस प्रकार मंत्रियों का कुल वेतन 1 लाख 70 हजार हो जाएगा।

इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल सरकार के मंत्रियों को परिवार सहित देश में छुट्टी मनाने के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए की धन राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही दो डाटा एंट्री ऑपरेटर रखने के लिए 30 हजार रुपए दी जाएगी। नई गाड़ी खरीदने के लिए 12 लाख रुपए एडवांस राशि के रूप में दी जाएगी। बता दें कि इस प्रस्ताव को गृह मंत्रालय से मार्च 2020 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन कोरोना के कारण केजरीवाल सरकार ने इसे अनुमति नहीं दी थी।

गौरतलब है कि हाल ही में अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली सरकार के दिल्ली कैबिनेट ने विधायकों के वेतन में पिछले मंगलवार (3 अगस्त 2021) को 66 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी थी। केजरीवाल सरकार दिल्ली के विधायकों के वेतन में और ज्यादा बढ़ोतरी चाहती थी लेकिन केंद्र इसके लिए तैयार नहीं था। यही वजह है कि वेतन बढ़ोतरी को मंजूरी देने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने असंतोष जताया कि दिल्ली के विधायकों का वेतन कम है।

दिल्ली सरकार ने दावा किया कि दिल्ली के विधायकों के वेतन और भत्तों में वृद्धि का प्रस्ताव पिछले 5 साल से गृह मंत्रालय में लंबित है। दिल्ली कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार के मंत्रियों के वेतन एवं भत्ते (संशोधन) विधेयक 2021 और विधायक/अध्यक्ष-उपाध्यक्ष/मुख्य सचेतक/दिल्ली में विधानसभा में विपक्ष के नेता (संशोधन) विधेयक 2021 को मंजूरी दी थी।

दिसंबर 2015 में भी, आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली विधानसभा में एक विधेयक पारित कराया था, जिसमें विधायकों का वेतन बढ़ाकर 2.10 लाख रुपए प्रति माह किया गया था। हालाँकि, यह बिल निष्प्रभावी हो गया क्योंकि इसे विधानसभा में पेश करने से पहले संबंधित अधिकारियों से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।

इस बीच, दिल्ली बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने केंद्र पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को सीमित करने का आरोप लगाने के लिए आप सरकार की ‘निंदा’ की है। उन्होंने कहा, “पिछले साल, केजरीवाल सरकार ने 2.10 लाख रुपए प्रति माह वेतन और भत्तों का प्रस्ताव भेजा था जो कि 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी है और इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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