Thursday, May 30, 2024
Homeराजनीति'बापू-बापू' कहकर फूट-फूटकर रोने लगे सपा नेता फिरोज खान, लोगों ने कहा- 50 रुपए...

‘बापू-बापू’ कहकर फूट-फूटकर रोने लगे सपा नेता फिरोज खान, लोगों ने कहा- 50 रुपए काट लो ओवरएक्टिंग के

सपा जिलाअध्यक्ष फिरोज खान और अन्य पदाधिकारी बापू की याद में विलाप करने लगे। कई लोग इस दौरान सपा नेता को ढांढस बँधाते भी नजर आए। लेकिन। फिरोज खान लगातार कहते रहे, "बापू आप कहाँ चले गए... आपने इतने बड़े देश को आजाद कराया और हमें आनाथ बनाकर चले गए।"

गाँधी जयन्ती के अवसर पर कल हर किसी ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को याद किया। आमजनों से लेकर हर राजनैतिक पार्टी से जुड़े शख्स ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसी बीच कल सोशल मीडिया पर संभल से सपा के कुछ नेताओं का वीडियो वायरल होने लगा। जिसमें दिखा कि वे बापू की प्रतिमा के आगे फूट-फूटकर रो रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक ये नेता महात्मा गाँधी की प्रतिमा के पास श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुँचे थे, लेकिन इसी बीच ये इतने भावुक हो गए कि बापू-बापू करते हुए प्रतिमा पकड़कर रोने लगे।

बताया जा रहा है कि ये मामला चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के फव्वारा चौक का है। जहाँ सपा जिलाअध्यक्ष फिरोज खान और अन्य पदाधिकारी पहुँचे जरूर, लेकिन थोड़ी देर में बापू की याद में विलाप करने लगे। कई लोग इस दौरान जिलाध्यक्ष का ढांढस भी बँधाते नजर आए और फिरोज खान लगातार कहते रहे, “बापू आप कहाँ चले गए… आपने इतने बड़े देश को आजाद कराया और हमें आनाथ बनाकर चले गए।”

आजतक की खबर के मुताबिक बापू की प्रतिमा के आगे जिला अध्यक्ष करीब एक मिनट तक फफक-फफक के रोए और फिर अगला कार्यकर्म यानी सफाई का काम शुरू किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने आस-पास से एक ठेले का इंतजाम किया, लेकिन खबर के अनुसार यहाँ सपा कार्यकर्ता सफाई कम और फोटो ज्यादा खिंचाते नजर आए।

इस कार्यक्रम के दौरान फिरोज खान ने प्रदेश सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन के तहत भाजपा लाखों रुपए डकार रही है। आज इस देश में लूट खसोट मची हुई हैं, इसलिए बापू को याद करके मेरी आँखें भर आईं। मैं बहुत रोया हूँ।”

हालाँकि, बता दें सपा नेता का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, लोगों ने उनकी भावनाओं की कद्र न करते हुए उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। लोग उनके इस दुख को खराब एक्टिंग बताने लगे। बापू की तस्वीर के साथ तरह-तरह के मीम्स शेयर किए जाने लगे, ‘ओवरएक्टिंग के लिए 50 रुपए काट’ जैसी बात भी कई यूजर्स ने कही।

लोगों ने ये भी कहा कि ये सब ड्रामेबाजी है, अगर इनकी इनकी ठीक से जाँच की जाए तो देश के पैसे से चोरी की करोड़ों की संपत्ति और बैंक बैलेंस निकलेंगे, इनके बच्चे विदेशी शिक्षा प्राप्त करते मिलेंगे और ये यहाँ जनता को मूर्ख बनाकर फिर से सत्ता में आने और चोरी करने की रणनीति बना रहे है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

बाँटने की राजनीति, बाहरी ताकतों से हाथ मिला कर साजिश, प्रधान को तानाशाह बताना… क्या भारतीय राजनीति के ‘बनराकस’ हैं राहुल गाँधी?

पूरब-पश्चिम में गाँव को बाँटना, बाहरी ताकत से हाथ मिला कर प्रधान के खिलाफ साजिश, शांति समझौते का दिखावा और 'क्रांति' की बात कर अपने चमचों को फसलना - 'पंचायत' के भूषण उर्फ़ 'बनराकस' को देख कर आपको भारत के किस नेता की याद आती है?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -