Saturday, May 25, 2024
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शरद यादव के मंच पर आने से पहले कार्यकर्ताओं ने छोड़ा सभागार, कुर्सी को देते रहे भाषण

शरद यादव 2016 तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और 2014-17 के बीच राज्यसभा के सदस्य भी। वे जदयू की लोकसभा के लिए 7 बार और राज्यसभा में 3 बार चुने जा चुके हैं। लेकिन साल 2018 में जनता दल से अपना नाता तोड़ कर अपनी पार्टी का गठन कर लिया था।

पटना में शनिवार (अक्टूबर 12, 2019) को लोहिया की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में बहुत ही अजीब नजारा देखने को मिला। लोकतांत्रिक जनता दल पार्टी के संस्थापक और जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव द्वारा मंच संभालने से पहले ही पूरा सभागार खाली होने लगा और लोग अपनी सीट छोड़-छोड़कर बाहर चले गए। इससे भी अधिक हैरानी की बात तब हुई जब माइक पर आने के बाद शरद यादव समाजवाद और संविधान बचाने का पाठ खाली कुर्सियों को सुनाते रहे।

जानकारी के अनुसार जिस समय शरद यादव बोल रहे थे, उस समय सभागार में मौजूद लोगों से अधिक संख्या मंच पर बैठे महागठबंधन के नेताओं को पीछे बैठे पार्टी के कार्यकर्ताओं की थी। बताया जा रहा है शरद यादव के बोलने से कुछ देर पहले ही आयोजक उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन का प्रस्ताव पढ़ने लगे, लेकिन इस दौरान सभी कार्यकर्ता सभागार से बाहर निकलने लगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन कार्यकर्ताओं को देखकर लग रहा था जैसे उन्हें शरद यादव को सुनने की कोई जिज्ञासा ही नहीं। इसलिए उन्होंने समय गवाने से अच्छा सभागार के बाहर निकलना उचित समझा। गौरतलब है कि शरद यादव 2016 तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और 2014-17 के बीच राज्यसभा के सदस्य भी। वे जदयू की ओर से लोकसभा में 7 बार और राज्यसभा में 3 बार चुने जा चुके हैं। लेकिन साल 2018 में जनता दल से अपना नाता तोड़ कर अपनी पार्टी का गठन कर लिया था। ऐसे में आयोजन में खाली सभागार की बात मीडिया में आते ही जदयू पूर्व प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने इसको लेकर शरद यादव पर तंज कसा।

उन्होंने लिखा, “अपनी हालत के ज़िम्मेदार ख़ुद हैं माननीय शरद जी, समय की बात है राजनीति में बदलते वक़्त को भाँपने में उम्रदराजों से ग़लती हो जाती है। हालाँकि, नीतीश जी ने समझाया था। सम्मानपूर्वक घर बैठिए सर, आपको यूँ देख अच्छा नहीं लगता।” यहाँ बता दें कि शनिवार को डॉ राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर पटना के बापू सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें तेजस्वी यादव, उपेंद्र कुशवाहा, मुकेश सहनी, जीतन राम मांझी और शरद यादव समेत कई नेता शामिल हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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