Homeराजनीतिचिन्मयानन्द मामला: SC ने लॉ स्टूडेंट के आरोपों की जाँच के लिए योगी सरकार...

चिन्मयानन्द मामला: SC ने लॉ स्टूडेंट के आरोपों की जाँच के लिए योगी सरकार को SIT गठित करने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा है कि छात्रा की तरफ से शिक़ायत की जाँच को वह मॉनिटर करे। इसके अलावा, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वे अगले आदेश तक लड़की और लड़की के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में क़ानून की पढ़ाई करने वाली एक छात्रा की तरफ से बीजेपी नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले में सोमवार (2 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को यह आदेश दिया है कि वे लॉ स्टूडेंट की तरफ से पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री के ऊपर लगाए गए आरोपों की जाँच के लिए विशेष जाँच समिति (SIT) का गठन करें।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा है कि छात्रा की तरफ से शिक़ायत की जाँच की वह मॉनिटरिंग करे। इसके अलावा, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वे अगले आदेश तक लड़की और लड़की के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए।

ग़ौरतलब है कि शाहजहाँपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय से एलएलएम कर रही छात्रा ने 24 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उसने पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की ज़िदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था एवं उनसे ख़ुद को और अपने परिवार को जान का ख़तरा बताया था।

इसके बाद चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया था। चिन्मयानंद महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। हालाँकि, 72 वर्षीय स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया था कि उनकी छवि ख़राब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -