महाराष्ट्र में पक गई खिचड़ी! शिवसेना ने किया 170 विधायकों के समर्थन का दावा

"बीजेपी के सदन में बहुमत साबित करने में नाकाम रहने के बाद शिवसेना सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। NCP, कॉन्ग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद से बहुमत का आँकड़ा 170 तक जाएगा।"

महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। शिवसेना सांसद संजय राउत ने पार्टी के पास 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है। उनके मुताबिक ‘महाराष्ट्र के हित में’ शिवसेना के साथ कॉन्ग्रेस और एनसीपी आ सकते हैं। बकौल राउत शिवसेना को समर्थन का आँकड़ा 175 तक पहुँच सकता है। 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आँकड़ा 145 है।

शिवसेना के मुखपत्र सामना के एग्जीक्यूटिव एडिटर सांसद राउत ने ट्वीट किया, “उसूलों पर जहाँ आँच आए टकराना ज़रूरी है, जो ज़िन्दा हो तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है….जय महाराष्ट्र…।”

राउत ने सामना के रोक ठोक कॉलम में लिखा,

“बीजेपी सदन में बहुमत साबित करने में नाकाम रहने के बाद शिवसेना सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। NCP, कॉन्ग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद से बहुमत का आँकड़ा 170 तक जाएगा। शिवसेना का अपना मुख्यमंत्री हो सकता है। उसे सरकार चलाने के लिए साहस दिखाना होगा।”

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इससे पहले राउत ने शनिवार (2 नवंबर ) को कहा था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए उनकी पार्टी की माँग उचित है और भाजपा से साथ सत्ता साझा करने का आधार जीती गई सीटों की संख्या नहीं, बल्कि चुनाव से पहले हुआ समझौता होना चाहिए।

राउत ने एक समाचार चैनल से कहा कि सरकार का गठन (चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच) पहले बनी सहमति के आधार पर होना चाहिए न कि इस आधार पर कि सबसे बड़ा एकल दल कौन-सा है।

इधर, एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार ने कहा है कि उनके पास संजय राउत का संदेशा आया था। मीटिंग में होने के कारण वे इसका जवाब नहीं दे पाए। पवार ने बताया कि चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब राउत ने उनसे संपर्क किया है। मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्यों मैसेज किया था। मैं उनसे बात करूॅंगा।

इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी होने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उद्धव ठाकरे के बीच मुलाकात होने की खबरें आई थी। इसके मुताबिक फडणवीस ने शिवसेना को मनाने के लिए नया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत भाजपा राज्य कैबिनेट में शिवसेना को आधी हिस्सेदारी देने को तैयार है। मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया था कि उद्धव ने नरम पड़ते हुए केंद्र की मोदी सरकार में दो अतिरिक्त पद मॉंगे थे।

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 105 और उसकी सहयोगी शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं। कॉन्ग्रेस ने 44 और उसकी सहयोगी एनसीपी ने 54 सीटों पर जीत हासिल की है। ऐसे में शिवसेना के साथ यदि कॉन्ग्रेस और एनसीपी आ जाते हैं तो सरकार बन सकती है।

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रामचंद्र गुहा और रवीश कुमार
"अगर कॉन्ग्रेस में शीर्ष नेताओं को कोई अन्य राजनेता उनकी कुर्सी के लिए खतरा लगता है, तो वे उसे दबा देते हैं। कॉन्ग्रेस में बहुत से अच्छे नेता हैं, जिन्हें मैं बहुत अच्छे से जानता हूँ। लेकिन अगर मैंने उनका नाम सार्वजनिक तौर पर लिया तो पार्टी में उन्हें दबा दिया जाएगा।"

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