Friday, November 27, 2020
Home राजनीति पाकिस्तान में भगवा संगठन दाखिल, भारतीय सेना भी जल्द पहुँचेगी: शिवसेना

पाकिस्तान में भगवा संगठन दाखिल, भारतीय सेना भी जल्द पहुँचेगी: शिवसेना

भारत के साथ राजनयिक संबंधों का स्तर घटाने के लिए शिवसेना ने पाकिस्तान को ‘‘धन्यवाद’’ दिया है। साथ ही कश्मीर को पाकिस्तान के लिए बंद अध्याय बताते हुए कहा है कि पीओके का समाधान भी जल्द हो जाएगा।

कश्मीर को पाकिस्तान के लिए बंद अध्याय बताते हुए शिवसेना ने कहा है कि अब उसके पास पीओके है जिसका समाधान भी जल्द हो जाएगा। पार्टी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करने के बाद इस्लामाबाद ने कूटनीतिक संबंधों का स्तर घटाने का जो फैसला किया है, वह पाकिस्तान को ही नुकसान पहुँचाएगा।

पाकिस्तान ने बुधवार (अगस्त 7, 2019) को भारत के फैसले को एकतरफा और अवैध बताते हुए भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित कर दिया था। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया को महत्वहीन करार देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान और कर भी क्या सकता है।

शिवसेना ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने के लिए पाकिस्तान को ‘‘धन्यवाद’’ देते हुए कहा कि इस्लामाबाद को स्वीकार कर लेना चाहिए कि कश्मीर मुद्दा उसके लिए बंद अध्याय है और उनके पास अब केवल पीओके है जिसका जल्द समाधान हो जाएगा।

इस्लामाबाद के कई हिस्से में भारत समर्थक बैनरों और उस पर लिखे गए शिवसेना के नेता संजय राउत के बयानों के बारे में संपादकीय में कहा गया है कि भगवा संगठन पाकिस्तान के क्षेत्र में प्रवेश कर गया है और भारतीय सेना भी जल्द ही वहाँ पहुँचेगी। बता दें कि, बीते दिनों इस्लामाबाद में शिवसेना का बैनर लगा था, जिसमें संजय राउत का वो बयान लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था, ”आज जम्मू और कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान, पीओके लेंगे। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री अखंड भारत का सपना पूरा करेंगे।”

इसके साथ ही मराठी दैनिक में लिखा गया है कि संबंधों को कमतर करने से भारत की तुलना में पाकिस्तान को ज्यादा नुकसान होगा। इसमें कहा गया है कि शिवसेना कई वर्षों से माँग करती रही है कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग को बंद किया जाए, क्योंकि कश्मीरी अलगाववादियों का वहाँ से वित्त पोषण होता है।

बीजेपी की सहयोगी पार्टी ने कहा कि यह सबको पता है कि कश्मीरी आतंकवादी ‘भारत विरोधी षड्यंत्रों’ के लिए पाकिस्तान उच्चायोग आते हैं। साथ ही अखबार में लिखा गया है, ‘‘अगर पाकिस्तान ने नई दिल्ली में अपना उच्चायोग बंद नहीं किया होता, तो उसके उच्चायुक्त को यहाँ से भागना पड़ता क्योंकि यहाँ काफी गुस्सा है और अब दोनों देशों के बीच कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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