Sunday, September 27, 2020
Home राजनीति श्रमिक ट्रेनों के टिकट के पैसे कौन दे रहा? क्या सच में प्रवासी मजदूरों...

श्रमिक ट्रेनों के टिकट के पैसे कौन दे रहा? क्या सच में प्रवासी मजदूरों से वसूला जा रहा किराया?

जिन राज्यों ने श्रमिक ट्रेन के लिए यात्रियों को चार्ज किया, उनमें महाराष्ट्र, केरल और राजस्थान थे। इनमें महाराष्ट्र में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी की सरकार है। केरल में कम्युनिस्टों की है। राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार है।

कोरोना वायरस के कहर के बीच अलग-अलग राज्यों में फँसे प्रवासी मजदूरों के घर लौटने को लेकर बीते दिनों बहुत बवाल हुआ। देश में कई जगह प्रदर्शन किए गए कि केंद्र सरकार इन मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए बस-ट्रेन का इंतजाम करे। हालाँकि लॉकडाउन के पहले चरण में कोरोना के हालात परखते हुए उन्हें सरकार ने रोके रखा। लेकिन तीसरा चरण शुरू होते ही सरकार ने इन मजदूरों को घर भेजने का इंतजाम किया और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलवाई। लेकिन विरोधियों ने इस पर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि इस ट्रेन के लिए टिकट के पैसे कौन देगा?

कॉन्ग्रेस जैसी कुछ पार्टियों ने ये भ्रम भी फैलाया कि बेरोजगार और लॉकडाउन में फँसे मजदूरों से केंद्र सरकार रेल टिकट के लिए पैसे वसूल कर रही है। मीडिया गिरोह ने बिना सच्चाई जाने धड़ल्ले से इसे फैलाया। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने ये ऐलान कर दिया कि अगर सरकार श्रमिकों के टिकट के पैसे नहीं देना चाहती, तो वे उनके लिए भाड़े का पैसा देंगीं।

ऐसे में उन तथ्यों पर बात करने की जरूरत है जिन्हें लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और जिनसे विवाद बढ़ा है।

रेलवे ने यात्रियों से भुगतान करने को क्यों कहा?

श्रमिक ट्रेन विशेष आग्रह पर शुरू की गई स्पेशल ट्रेन है। इन्हें प्रवासी मजदूरों को उनके घरों/ राज्यों तक भेजने के लिए स्टार्ट किया गया है। इन ट्रेनों को केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की माँग और मजदूरों के प्रदर्शन को देखकर चालू करवाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों की यही खासियत है कोरोना के समय में चालू की गई ये ट्रेनें सार्वजनिक रूप से सबको सेवा देने के लिए नहीं है। ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वे अपने राज्य में पंजीकृत मजदूरों को चिह्नित करें, उनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें ट्रेन से गृहराज्य भेजें।

- विज्ञापन -

सबसे जरूरी बात। इस ट्रेन में सफर करने वालें यात्रियों को अपनी ओर से कोई टिकट नहीं खरीदनी है। इसका जिम्मा सिर्फ़ राज्य सरकार पर है कि वे आपस में कॉर्डिनेट करें और टिकट के पैसों का भुगतान करें। अब चूँकि, ये ट्रेन रेगुलर नहीं है और इन्हें केवल राज्य सरकार के आग्रह पर शुरू किया गया है। इसलिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि मजदूर उन ट्रेनों के लिए टिकट खरीदें। राज्य सरकारें भारतीय रेलवे द्वारा शुल्क के रूप में भुगतान करके ट्रेनों की बुकिंग करेंगी, और यात्रियों को कुछ भी नहीं देना होगा।

केंद्र सरकार इस ट्रेन को चलाने के लिए प्रति यात्री 85% लागत का भुगतान कर रही है और लागत का 15% राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना है। इसलिए अगर राज्य प्रवासी श्रमिकों को चार्ज करने का फैसला करता है, तो इसके लिए जिम्मेदार राज्य सरकार है, न कि केंद्र सरकार। केंद्र सरकार खुद यात्रियों से टिकट नहीं ले रही है और न ही उन्हें टिकट बेच रही है।

क्या ऐसे राज्य हैं जो श्रमिकों से टिकट का भुगतान करवा रहे हैं?

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिन राज्यों ने श्रमिक ट्रेन के लिए यात्रियों को चार्ज किया, उनमें महाराष्ट्र, केरल और राजस्थान थे। इनमें महाराष्ट्र में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी की सरकार है। केरल में कम्युनिस्टों की है। राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार है।

रेलवे ने श्रमिक ट्रेनों को फ्री क्यों नहीं किया?

15% चार्ज जो राज्य सरकार पर लगाया गया है, उसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकार भी इस मामले पर गौर करें। अगर, यात्रा को रेलवे और केंद्र सरकार मुफ्त करवा देंगे तो प्रवासी मजदूरों के अलावा कई ऐसे लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाएगी जो एक राज्य से दूसरे राज्य में सफर करना चाहते हैं। बीते दिनों हमने ऐसे नजारे महाराष्ट्र में बांद्रा के एक मस्जिद के पास और दिल्ली में आनंद विहार में देखे। अगर 15 प्रतिशत से राज्य सरकार की भागीदारी श्रमिकों को भेजने में रहती है, तो वे इसकी जिम्मेदारी लेंगे और प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग के बाद उनकी लिस्ट के साथ सामने आएँगे। ताकि उन्हें टिकट मिल सके।

85% भुगतान केंद्र कर रहा वहन

आम ट्रेनों की टिकट को यदि कोई देखता है, तो उसे मालूम चलेगा कि उसमें ये साफ लिखा होता है कि उसे चार्ज की गई राशि यात्रा के लिए खर्च की गई लागत का केवल 57% है। मगर, श्रमिक ट्रेनों के लिए, यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए केवल 2/3rd सीटें भरी जाएँगी। यानी दाई और बाई ओर की सीटें भरी जाएँगी, लेकिन बीच की सीट खाली रहेगी। इसी प्रकार टॉप और बॉटम बर्थ भी यात्रियों को दिए जाएँगे। मगर मिडिल बर्थ खाली रखा जाएगा। इनके कारण इनका शुल्क घटकर 38% हो जाएगा। ये विशेष ट्रेनें हैं और पूरी तरह से खाली होकर वापस होंगी, इसलिए यात्री की लागत को आधे से विभाजित किया गया है, जो कि 19% होगी। मगर बावजूद इसके भोजन और स्वच्छता जैसी यात्री सेवाओं को ध्यान में रखने के बाद, राज्य सरकारों को कुल लागत का 15% भुगतान करने के लिए कहा गया था, शेष 85% केंद्र सरकार द्वारा वहन किया गया था।

रेलवे ने PM CARES में पैसा क्यों दिया, इसे सब्सिडी पर खर्च क्यों नहीं किया?

बता दें इस दावे को लेकर राहुल गाँधी ने सर्वप्रथम ट्वीट किया और जानबूझकर भ्रम फैलाया। उन्होंने अपने ट्वीट से ऐसे दर्शाया कि पीएम केयर फंड में तो रेलवे ने 151 करोड़ रुपए दान दे दिए थे। मगर जब बात प्रवासी मजदूरों की आई तो वे उनके भुगतान करने के लिए कह रहा है। जबकि सच ये है कि रेलवे द्वारा पीएम राहत कोष में दिया गया फंड उनपर भार नहीं था, जो कहीं भी कैसे भी खर्च किया जाए। इसके अलावा पीएम फंड के लिए रेलवे के कर्मचारियों ने अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा दान किया था।

हवाई यात्रा के लिए भुगतान करने को नहीं कहा गया था?

बिलकुल गलत। ऐसा नहीं है कि उनसे भुगतान करने को नहीं कहा गया। उन्हें कहा गया था और जहाँ उन्हें भुगतान करने के लिए नहीं कहा गया, वहाँ सरकार एयर इंडिया या भारतीय वायु सेना के बिल का भुगतान करेंगे। हालाँकि, इस बीच कुछ विमान एयरलिफ्ट की तरह थे, जिनसे वुहान जैसी जगहों से लोगों को आपातकाल में निकाला गया। ।

सोनिया गाँधी अपने कहे अनुसार भुगतान करती हैं, तो उन्हें कितनी राशि रेलवे को देनी होगी?

सरकार श्रमिकों के लिए 34 ट्रेनें चालू करने जा रही है। इसलिए इन ट्रेनों को ऑपरेट करने में 24 करोड़ का खर्चा आएगा। यानी हर राज्य को 3.5 करोड़ रुपए देने होंगे। अगर हम मानते हैं कि रेलवे 100 ट्रेन प्रवासी मजदूरों के लिए चलाएगी तो सोनिया गाँधी को 706 करोड़ रुपए देने होंगे। इस राशि का भुगतान सीडब्ल्यूसी और सोनिया गांधी के निजी खजाने से किया जाएगा, न कि राज्य के सरकारी खजाने से। 

इसलिए यहाँ स्पष्ट होता है कि श्रमिक ट्रेनों को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वो केवल राजनीति से प्रेरित है। कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियाँ केवल इस स्थिति को और भयावह बनाना चाहती है, ताकि वे गरीब मजदूरों की भावनाओं से खेलकर अपनी राजनीति की रोटियाँ सेंक सकें।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

MP रवि किशन को ड्रग्स पर बोलने के कारण मिल रही धमकियाँ, कहा- बच्चों के भविष्य के लिए 2-5 गोली भी मार दी...

रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।

छत्तीसगढ़: वन भूमि अतिक्रमण को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदायों में झड़प, मामले को जबरन दिया गया साम्प्रदयिक रंग

इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता नहीं दें काम, सुशांत के मामले को भी जल्द सुलझाए CBI: रामदास अठावले

"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"

मुख्तार अहमद से राहुल बनने की साजिश में वकील फातिमा ने की मदद: SIT को मिली लव जिहाद से जुड़े मास्टरमाइंड की कड़ी

SIT ने कानपुर लव जिहाद मामले के आरोपित का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एक महिला वकील फातिमा का पता लगाया है।

मीडिया अगर किसी भी सेलेब्रिटी की गाड़ी का पीछा करेगी तो मुंबई पुलिस गाड़ी जब्त कर ड्राइवर पर करेगी कार्रवाई: DCP

डीसीपी ने कहा कि आज पुलिस ने कई मीडिया वाहनों का अवलोकन किया, जिन्होंने एनसीबी जाँच के लिए बुलाए गए लोगों का पीछा करते हुए पाए गए।

CM योगी को धमकाने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार: मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटा जिले का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है।

कंगना केस में हाईकोर्ट ने BMC को लगाई फटकार, पूछा- क्या अवैध निर्माण गिराने में हमेशा इतनी तेजी से कार्रवाई करती है बीएमसी?

कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि क्या अवैध निर्माण को गिराने में वह हमेशा इतनी ही तेजी दिखाती है जितनी कंगना रनौत का बंगला गिराने में दिखाई?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,069FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements