जब सोनिया गाँधी ने चुनाव में फर्जी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी को कोर्ट में बताया था ‘टाइपिंग मिस्टेक’

कॉन्ग्रेस ने स्मृति ईरानी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की माँग की है। इसके बाद स्वामी ने एक ट्वीट करते हुए कॉन्ग्रेस की बोलती बंद कर डाली जिसमें उन्होंने लिखा, "बुद्धू ने भी अपने नॉमिनेशन फॉर्म में गलत जानकारी देते हुए दावा किया है कि उसके पास एमफिल की डिग्री है।

लोकसभा चुनावों के बीच नेताओं की डिग्री और शैक्षणिक योग्यता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कॉन्ग्रेस पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ प्रश्न उठाए। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

सबसे पहली प्रतिक्रिया भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से आई। स्वामी ने कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी की ही डिग्री को कटघरे में रखकर कल रात ट्वीट करते हुए लिखा, “बुद्धु (राहुल गाँधी) के कैम्ब्रिज सर्टिफिकेट के मुताबिक उसका नाम रौल विंसी है। उन्होंने एम.फिल की पढ़ाई की है, लेकिन वो नेशनल इकोनॉमिक प्लानिंग एंड पॉलिसी में फेल हो गए थे।”

राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पहले भी गाँधी परिवार के सदस्यों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते रहे हैं। इससे पहले स्वामी राहुल गाँधी की मम्मी सोनिया गाँधी की शैक्षणिक योग्यता पर से पर्दा उठा चुके हैं।

सोनिया की लोकसभा सदस्यता समाप्त होने तक आ गई थी बात

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साल 2000 की शुरुआत में सुब्रमण्यम स्वामी ने तत्कालीन UPA अध्यक्ष सोनिया गाँधी की डिग्री को लेकर तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी देने के आधार पर उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद से सोनिया गाँधी की पढ़ाई और डिग्री को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

दरअसल, स्वामी ने तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी के पास सोनिया गाँधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कहा था, “लोकसभा पेज के ‘Who is who’ यानी ‘कौन क्या है’ सेक्शन में लिखा है कि सोनिया गाँधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में डिप्लोमा किया था।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने बताया था कि सोनिया गाँधी ने वहाँ कभी पढ़ाई नहीं की

स्वामी के मुताबिक उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से इस बारे में जानकारी माँगी थी। इसके जवाब में यूनिवर्सिटी ने बताया था कि सोनिया ने वहाँ कभी पढ़ाई ही नहीं की है। स्वामी ने बताया कि जब वह कैम्ब्रिज में लेक्चर देने गए थे, तब उन्होंने सोनिया के बारे में लोगों से पूछा कि वह कैसी स्टूडेंट थीं, तो जवाब में बताया गया कि ऐसी तो यहाँ कोई स्टूडेंट नहीं थीं।

सुब्रमण्यम स्वामी इसी मामले को लेकर वह कैम्ब्रिज अथॉरिटी से एक खत भी लिखवाकर लाए थे। सोनिया गाँधी द्वारा अपनी एजुकेशन को लेकर इलेक्शन एफिडेविट में झूठी जानकारी देने के मामले पर सुब्रमण्यम स्वामी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का खत लोकसभा में पेश भी किया था। जब लोकसभा स्पीकर ने सोनिया गाँधी से डिग्री को लेकर सवाल किया तो सोनिया ने इसे ‘टाइपिंग मिस्टेक’ (Typo Error) बताया था। स्वामी ने इस पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि ऐसी टाइपिंग मिस्टेक करने वालों को गिनीज बुक में जगह देनी चाहिए।

तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष ने स्वामी की शिकायत पर स्पष्टीकरण के लिए सोनिया गाँधी से पत्राचार किया। उस वक्त सोनिया गाँधी के हवाले से जवाब दिया गया था कि उन्होंने ‘कैम्ब्रिज’ से डिग्री ली है न कि ‘कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी’ से। सोनिया गाँधी का कहना था कि लोकसभा पब्लिकेशन में यूनीवर्सिटी शब्द गलती से छप गया है।

स्मृति ईरानी को लेकर गरमाया है मुद्दा

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे में बताई गई शैक्षिक योग्यता को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के निशाने पर है। कॉन्ग्रेस ने स्मृति ईरानी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की माँग की है। इसके बाद स्वामी ने एक ट्वीट करते हुए कॉन्ग्रेस की बोलती बंद कर डाली जिसमें उन्होंने लिखा, “बुद्धू ने भी अपने नॉमिनेशन फॉर्म में गलत जानकारी देते हुए दावा किया है कि उसके पास एमफिल की डिग्री है। वह प्री-थीसिस एग्जाम में फेल था, इसलिए उसे थीसिस लिखने की इजाजत नहीं मिली। उसे कहो कि अपनी थीसिस पेश करे या फिर एग्जाम के नतीजे के सबूत दिखाए।”

कॉन्ग्रेस स्मृति ईरानी को लगातार निशाने पर रखते हुए उन पर हर तरह के आरोप लगाती नजर आती है। इस पर स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि भले ही उन्हें कितना भी अपमानित और प्रताड़ित किया जाता रहे, वह अमेठी के लिए और कॉन्ग्रेस के खिलाफ मेहनत से काम करती रहेंगी।

डिग्री के विवाद पर इससे पहले कॉन्ग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”समस्या यह नहीं है कि कोई कितना पढ़ा है, लेकिन जब इस देश की प्रजातांत्रिक प्रणाली को धोखा देकर, झूठ बोलकर जनता की आँख में धूल झोंकने की कोशिश की जाती है तो दिक्कत है।” सुरजेवाला अगर प्रजातांत्रिक प्रणाली के प्रति इतने संवेदनशील हैं, तो उन्हें पहले पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी जी से कैम्ब्रिज और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के बीच के अन्तर पर चर्चा करनी चाहिए।

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