Thursday, August 5, 2021
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नरसिम्हा राव के पोते ने कहा: माफ़ी माँगें सोनिया और राहुल

नरसिम्हा राव के पोते सुभाष ने कहा, "तेलंगाना के किसी भी कॉन्ग्रेस नेता ने आकर उन्हें (राव) पुष्पांजलि नहीं दी। भाजपा, टीआरएस और टीडीपी सहित सभी ने उनका सम्मान किया, लेकिन कॉन्ग्रेस ने नहीं। इससे पता चलता है कि वे कितने निरंकुश हैं।"

पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता स्वर्गीय पीवी नरसिम्हा राव के पोते एन वी सुभाष ने पूर्व प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ आरोप लगाने के लिए कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पार्टी की खिंचाई की और गाँधी परिवार से इस अन्याय के लिए माफ़ी की माँग की।

नरसिम्हा राव के पोते, एन वी सुभाष, जो अब भाजपा से जुड़े हुए हैं, उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने आज उनकी जयंती पर पूर्व प्रधानमंत्री को सम्मान नहीं दिया।

सुभाष ने ANI को बताया, “1996 चुनाव में कॉन्ग्रेस की पराजय के बाद, उन्हें (राव) को पार्टी से कई कारणों से दरकिनार कर दिया गया था जिनका उनकी सरकार की नीतियों से कोई लेना-देना नहीं था। कॉन्ग्रेस पार्टी ने सोचा था कि अगर गाँधी-नेहरू परिवार के अलावा कोई आगे बढ़ जाएगा, तो उनकी चमक फ़ीकी पड़ जाएगी, इसलिए राव जी को ही दरकिनार कर दिया गया।”

सुभाष ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी की सभी विफलताओं के लिए पीवी नरसिम्हा राव को ज़िम्मेदार ठहराया गया है और उनके योगदानों का श्रेय उन्हें नहीं दिया गया है। मैं माँग करता हूँ कि सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को माफ़ी माँगनी चाहिए, और आकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करनी चाहिए।” 

एन वी सुभाष 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे और वो पार्टी की तेलंगाना इकाई के आधिकारिक प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस नेहरू-गाँधी परिवार ने ख़ासकर स्वर्गीय पी वी नरसिम्हा राव के अलावा अन्य नेताओं की उपेक्षा की।

नरसिम्हा राव की जयंती पर उनके पोते सुभाष ने कहा, “तेलंगाना के किसी भी कॉन्ग्रेस नेता ने आकर उन्हें (राव)पुष्पांजलि नहीं दी। भाजपा, टीआरएस और टीडीपी सहित सभी ने उनका सम्मान किया, लेकिन कॉन्ग्रेस ने नहीं। इससे पता चलता है कि वे कितने निरंकुश हैं।”

नरसिम्हा राव के योगदान पर सुभाष ने कहा, “कॉन्ग्रेस और राष्ट्र में उनके (नरसिम्हा राव) योगदान को दुनिया भर में सभी ने सराहा है। जब 1991 में राजीव गाँधी की मृत्यु के बाद नरसिम्हा राव ने पदभार संभाला, तो उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की मदद की।” उन्होंने कहा कि उनका योगदान बहुत बड़ा है, जिसे मापा नहीं जा सकता है।

लोकसभा में नरसिम्हा राव के नाम का उल्लेख करने के लिए सुभाष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नरसिम्हा राव के योगदान और 1991 में लागू की गई आर्थिक नीति की प्रशंसा की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने नरसिम्हा राव को उनकी 98वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी और अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “श्री पीवी नरसिम्हा राव जी को उनकी जयंती पर याद करते हुए। एक महान विद्वान और अनुभवी प्रशासक, उन्होंने हमारे इतिहास के महत्वपूर्ण मोड़ पर राष्ट्र का नेतृत्व किया। उन्हें अग्रणी कदम उठाने के लिए याद किया जाएगा। हमारे इतिहास के महत्वपूर्ण मोड़ पर उन्होंने राष्ट्र का नेतृत्व किया।”

मंगलवार (25 जून) को मोदी ने कॉन्ग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि पार्टी ने कभी भी राव, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह जैसे पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रयासों को मान्यता नहीं दी।

पीएम मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के धन्यवाद के अभिभाषण के बाद कहा, “2004 से 2014 तक सत्ता में रहने वालों ने कभी अटल जी के अच्छे काम के बारे में बात की? क्या वे कभी नरसिम्हा राव जी के अच्छे काम के बारे में बोलते हैं? इस लोकसभा बहस में वही लोग मनमोहन सिंह जी की बात भी नहीं करते थे?”

बता दें कि भारत के नौवें प्रधानमंत्री राव ने जून 1991 में पदभार ग्रहण किया और मई 1996 तक सत्ता में रहे। उन्हें देश में विशेष रूप से लाइसेंस राज को ख़त्म करने और कई आर्थिक सुधार करने का श्रेय दिया जाता है। छ: बार सांसद रहे राव ने 2004 में 83 वर्ष की आयु में अंतिम साँस ली।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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