Thursday, July 18, 2024
Homeराजनीतिये मुल्क का झंडा, हर घर पर क्यों फहराएँ: 'हर घर तिरंगा' अभियान पर...

ये मुल्क का झंडा, हर घर पर क्यों फहराएँ: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर भड़के सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क, कहा- संविधान में कंपल्सरी नहीं

"संविधान में कहीं भी तिरंगा घरों पर फहराए जाने को अनिवार्य नहीं किया गया है। फिर इस प्रकार के अभियान की क्या जरूरत?"

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद हो शुरू हो गया है। सपा नेता ने कहा है कि ये मुल्क का झंडा है। मुल्क वाले इसे लगाते हैं। सत्ताधारी बीजेपी की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वे तो हमें मुल्क का नहीं मानते। उन्होंने कहा कि तिरंगा मुल्क का झंडा है, मुल्क के कार्यालयों पर फहराया जाए। इस अभियान पर विवादित बयान देते हुए सपा सांसद ने कहा है कि जिसकी मर्जी हो वह झंडा लगाए। क्या झंडा लगाने से ही देशभक्ति साबित होगी।

दरअसल, संसद के मॉनसून में भाग ले रहे शफीकुर्रहमान बर्क ने राष्ट्रध्वज फहराने के अभियान को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। पीएम मोदी के हर घर पर तिरंगा लहराए जाने की अपील पर संविधान का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि संविधान में ऐसा कंपल्सरी तो नहीं है। उन्होंने कहा, “संविधान में कहीं भी तिरंगा घरों पर फहराए जाने को अनिवार्य नहीं किया गया है। फिर इस प्रकार के अभियान की क्या जरूरत?”

शफीकुर्रहमान बर्क ने आजतक से बातचीत में कहा कि संविधान में ऐसा जरूरी नहीं किया गया है कि हर घर पर तिरंगा लहराया जाए। सपा सांसद ने इस अभियान को भी लोकसभा चुनाव 2024 से जोड़ा। उन्होंने कहा कि इनकी हर योजना और पॉलिसी में प्रचार होता है। 2024 इन्हें दिखाई दे रहा है।

बता दें कि पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वो 2 से 15 अगस्त के बीच सोशल मीडिया पर तिरंगे को अपनी प्रोफाइल पिक्चर के रूप में इस्तेमाल करें। उसके बाद पीएम मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई बीजेपी नेताओं ने भी अपनी डीपी बदलते हुए तिरंगा लगाया था। इसके जरिए लोगों को अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान का भाव का विकसित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, 75 साल पुरानी आजादी के मायनों को तिरंगे के माध्यम से समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

गौरतलब है कि देशभर में इन दिनों आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। 11 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान शुरू हो रहा है। लोगों से अपने घरों में तिरंगा लगाने की अपीलें की जा रही हैं। वहीं सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का बयान पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की हर घर पर तिरंगा फहराए जाने की अपील के एक दिन बाद आया है।

बता दें कि इससे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी शफीकुर्रहमान बर्क ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बच्चा पैदा करने का ताल्लुक अल्लाह से है, इंसान से नहीं है। अल्लाह बच्चा पैदा करता है तो पालने का भी इंतजाम करता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार फिर भी कानून लाना चाहती है तो इसकी जगह पर बच्चों की तालीम पर ध्यान देना चाहिए। अगर बच्चे को तालीम मिल जाएगी तो जनसंख्या का मुद्दा खुद ही सुलझ जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नई नहीं है दुकानों पर नाम लिखने की व्यवस्था, मुजफ्फरनगर पुलिस ने काँवड़िया रूट पर मजहबी भेदभाव के दावों को किया खारिज: जारी की...

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ताजी एडवायजरी जारी की है, जिसमें दुकानों और होटलों पर मालिकों के नाम लिखने को ऐच्छिक कर दिया है।

‘भ#$गी हो, भ$गी बन के रहो’: जामिया के 3 प्रोफेसर पर FIR, दलित कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का डाल रहे थे दबाव; कहा- ईमान...

एफआईआर में आरोपित नाज़िम हुसैन अल-जाफ़री जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार हैं तो नसीम हैदर डिप्टी रजिस्ट्रार। इनके साथ ही आरोपित शाहिद तसलीम यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -