Homeराजनीतिशत्रुघ्न के सामने एक और 'शत्रु': बिहार महागठबंधन में फिर से आई दरार, VIP...

शत्रुघ्न के सामने एक और ‘शत्रु’: बिहार महागठबंधन में फिर से आई दरार, VIP ने खड़ा किया उम्मीदवार

“बिगुल बज गया है रण का, शांत नहीं बैठूँगा अब। प्रतिद्वंद्वी खड़ा है सामने, लेके कई हथियार, नि:शस्त्र नहीं मैं भी हूँ, संग मेरे है जनता का प्यार।”

भाजपा से कॉन्ग्रेस में शामिल हुए पटना साहिब के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने सोमवार (अप्रैल 29, 2019) को बिहार की पटना साहिब लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। इस बीच बिहार के महागठबंधन में एक बार फिर से दरार पड़ती दिख रही है। ऐसा लग रहा है कि महागठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तभी तो महागठबंधन में शामिल पार्टियाँ एक दूसरे के खिलाफ ही प्रत्याशी को मैदान में उतार रहे हैं।

बता दें कि, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने कॉन्ग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ अपनी पार्टी की तरफ से रीता देवी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। दरअसल, चुनाव के पाँचवें चरण के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी ने मधुबनी सीट पर वीआईपी के उम्मीदवार बद्री पूर्वे के खिलाफ अपनी पार्टी के बागी शकील अहमद को प्रत्याशी बनाया है। हालाँकि कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस ने शकील अहमद से नामांकन वापस लेने के लिए काफी मान-मनौव्वल किया, लेकिन शकील अहमद ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। और अब इसी का बदला लेने के लिए वीआईपी ने पटना साहिब से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी शत्रुघन सिन्हा के खिलाफ अपने प्रत्याशी को उतारने का फैसला कर लिया है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने सोमवार (अप्रैल 29, 2019) को नामांकन का पर्चा दाखिल करने के बाद इसकी तस्वीर साझा करते हुए ट्विटर पर एक कविता शेयर की। उन्होंने ट्वीट किया, “बिगुल बज गया है रण का, शांत नहीं बैठूँगा अब। प्रतिद्वंद्वी खड़ा है सामने, लेके कई हथियार, नि:शस्त्र नहीं मैं भी हूँ, संग मेरे है जनता का प्यार।” बिहार की इस सीट पर लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण 19 मई को वोट डाले जाएँगे। मुख्य तौर पर यहाँ शत्रुघ्न सिन्हा का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -