Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस-जेडीएस के बीच दरार बढ़ी, देवगौड़ा के पोते ने कहा, कभी भी हो सकते...

कॉन्ग्रेस-जेडीएस के बीच दरार बढ़ी, देवगौड़ा के पोते ने कहा, कभी भी हो सकते हैं चुनाव

कुमारस्वामी के बेटे निखिल का कहना है कि कॉन्ग्रेस और जेडीएस के बीच रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है इसलिए राज्य में कभी भी चुनाव सकते हैं, इसलिए पहले से ही तैयार रहें।

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस और जेडीएस के बीच अविश्वास की खाई लगातार बढ़ती जा रही है। ख़बर के अनुसार, मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमें वह पार्टी कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहते नज़र आ रहे हैं। उनका कहना है कि कॉन्ग्रेस और जेडीएस के बीच रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है इसलिए राज्य में कभी भी चुनाव सकते हैं, हो सकता है कि चुनाव अगले साल या दो या तीन साल बाद भी हो जाएँ, इसलिए पहले से ही तैयार रहें।

इस वीडियो के अनुसार, निखिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव के लिए हमें अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फ़िलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि तैयारियाँ बाद में कर लेंगे, इसके लिए ख़ुद को अगले महीने से तैयार करना होगा। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह लग रहा है कि पता नहीं कब चुनाव हो जाएँ। इसलिए जेडीएस नेताओं को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

इससे पहले भी कॉन्ग्रेस और जेडीएस गठबंधन के बीच दरार की ख़बरें सामने आ चुकी हैं। इसकी वजह यह भी है कि लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर नहीं हुआ, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। जेडीएस सुरेश गौड़ा ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया था कि मांड्या क्षेत्र में बीजेपी को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने ही वोट दिया है। सुरेश गौड़ा ने यहाँ तक कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा था कि उनके कार्यकर्ता आख़िर किसे प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, नरेंद्र मोदी को या राहुल गाँधी को?

वहीं, बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने भी दावा किया था कि में राज्य की वर्तमान कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार से कॉन्ग्रेसी खेमा नाख़ुश नज़र आ रहा है। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस के लगभग 20 विधायक ऐसे हैं जो परेशान होकर कभी भी कोई फ़ैसला ले सकते हैं, बस थोड़ा इंतज़ार कीजिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -