‘देशहित’ में मायावती भूलीं ‘गेस्टहाउस काण्ड’; त्रिवेदी ने कहा सपा-बसपा बचा रही है ज़मीन

इस गठबंधन को पवित्र कहते हुए मायावती ने इस बात की जानकारी दी कि इस लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

2019 लोकसभा चुनावों को अब ज्यादा समय नहीं बचा है। हर पार्टी सत्ता में आने के लिए साम-दाम दंड-भेद के तरीके को अपनाने के लिए तैयार है। सपा-बसपा का गठबंधन इस बात का सबसे प्रासंगिक उदहारण है।

इस गठबंधन पर बीजेपी के नेता और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा बयान सामने आया है। सुधांशु ने आत्मविश्वास के साथ सपा-बसपा के गठबंधन को जवाब देते हुए कहा है, “ये दोनों ही पार्टियाँ इस समय बस अपनी राजनैतिक धरातल को बचाए रखने के लिए साथ में आई हैं। एक समय था जब ये दोनों एक दूसरे पर हत्या का आरोप मढ़ती नज़र आती थी।” सुधांशु ने इस फैसले को उनकी मर्जी बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी को पूरा विश्वास है कि चाहे सारी पार्टियाँ भी साथ में आ जाएँ, बीजेपी फिर भी जीतेगी।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने और बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा को हराने के लिए 23 सालों से चली आ रही दुश्मनी को खत्म कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी की मुखि़या मायावती ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बँटवारे की घोषणा की। इस गठबंधन को पवित्र कहते हुए मायावती ने इस बात की जानकारी दी कि इस लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनावों को लड़ेगी।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने संबोधन की शुरूआत नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए की। मायावती का मानना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींदे उड़ जाएँगी। मायावती ने इस गठबंधन पर बात करते हुए कहा कि वो देशहित में लखनऊ गेस्टहाऊस कांड को भुलाकर सपा के साथ एक बार फिर से रिश्ता जोड़ने जा रही हैं।


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