Homeराजनीतिहरियाणा चुनाव में योगेंद्र यादव बजाएँगे 'सीटी', जानिए आखिर क्यों आई ऐसी नौबत

हरियाणा चुनाव में योगेंद्र यादव बजाएँगे ‘सीटी’, जानिए आखिर क्यों आई ऐसी नौबत

एक समय आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के करीबी रह चुके योगेंद्र यादव के इस ऐलान के साथ ही देश को एक और राजनीतिक पार्टी मिल गई है। उनकी पार्टी अपना पहला चुनाव हरियाणा में लड़ेगी।

‘स्वराज इंडिया’ के संयोजक योगेंद्र यादव ने अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है। 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को जिताने वालों का कॉलर पकड़कर उन्हें झकझोरने की बात करने वाले योगेंद्र यादव की नई पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘सीटी’ है।

इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट से देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा, “हम हरियाणा के सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हम मुख्यधारा की राजनीतिक दलों के एक विकल्प के रूप में उभरेंगे। हमारा फोकस युवाओं, किसानों और महिलाओं पर होगा।”

इसके साथ ही योगेंद्र यादव ने बताया कि स्वराज इंडिया कोई नई पार्टी नहीं बनाई है बल्कि स्वराज इंडिया अक्टूबर 2016 से रजिस्टर्ड पार्टी है।

एक समय आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के करीबी रह चुके योगेंद्र यादव के इस ऐलान के साथ ही देश को एक और राजनीतिक पार्टी मिल गई है। उनकी पार्टी अपना पहला चुनाव हरियाणा में लड़ेगी। हरियाणा में इस साल विधानसभा चुनाव हो सकता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -