जब CJP का एजेंडा एक्सपोज हुआ, तो 'आंदोलनजीवी' योगेंद्र यादव ने 'पंचशील' का प्रपंच रच डैमेज कंट्रोल किया। इसमें 'जय भीम' और 'इंकलाब जिंदाबाद' से हिंदुओं को गुमराह किया जाता रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में 'आंदोलनजीवी' की जमात देखने को मिल रही है। ये वही जमात है जो हर प्रदर्शन में अपना मोदी-विरोधी, हिंदू-घृणा प्रोपेगेंडा फैलाती है।
सबा नकवी की समस्या ये है कि मीडिया में क्यों मुस्लिम दोषियों का नाम उजागर किया गया और योगेंद्र यादव की दिक्कत ये है कि क्यों उनका नाम फ्रंट पेज पर छापा गया।
एक तरफ योगेंद्र यादव 'बाबासाहब के सपनों' की बात करते हुए जाति मिटाने की भी बात करते हैं, दूसरी तरफ ये भी चाहते हैं कि हर कोई अपनी जातिगत पहचान आगे करे। दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती हैं?
टीवी डिबेट के दौरान चित्रा त्रिपाठी ने कहा था कि यदि वह पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़े बता रहीं हैं और यह दिखाना चाहतीं हैं कि किन लोगों का प्रभाव था तो यह कोई गुनाह नहीं है।