Homeराजनीति'राहुल गाँधी 'राष्ट्रीय पप्पू', नहीं मिलेगी एक भी सीट': तेलंगाना CM के बेटे और...

‘राहुल गाँधी ‘राष्ट्रीय पप्पू’, नहीं मिलेगी एक भी सीट’: तेलंगाना CM के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री केटीआर ने कहा- कॉन्ग्रेस का ‘कर्नाटक मॉडल’ बकवास

तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में 119 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसके लिए मतदान 30 नवंबर 2023 को संपन्न होंगे। इसकी मतगणना 3 दिसंबर 2023 को होगी। चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (पूर्व में तेलंगाना राष्ट्र समिति), कॉन्ग्रेस और भारतीय जनता पार्टी मुख्य पार्टियाँ हैं। वहीं, बीआरएस की सहयोगी पार्टी के तौर पर असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM अहम भूमिका में है।

तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी है। इस बीच सत्ताधारी दल BRS के नेता और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर (KCR) के बेटे केटीआर (केटी रामाराव) ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को ‘राष्ट्रीय पप्पू’ कहा है। केटीआर तेलंगाना सरकार में मंत्री हैं। हाल ही में राहुल गाँधी ने एक जल परियोजना में भ्रष्टाचार को लेकर केटीआर पर आरोप लगाया था।

तेलंगाना सरकार में कैबिनेट मंत्री केटीआर ने कहा कि राहुल गाँधी को बातों की समझ ही नहीं रही है। वो जो आरोप लगा रहे हैं, वो गलत है। केटीआर ने आगे कहा कि राहुल गाँधी जल परियोजना से जुड़े खंभों के पानी में डूबने को भ्रष्टाचार कह रहे हैं, जबकि वो एक्सटेंशन का हिस्सा है और वहाँ पर काम चल रहा है।

केटीआर ने रिपब्लिक से बातचीत में कहा, “कालेश्वरम परियोजना तेलंगाना के लोगों के लिए आशीर्वाद है, जबकि कॉन्ग्रेस तेलंगाना के लिए अभिशाप है। राहुल गाँधी को न तो तेलंगाना का इतिहास पता है और न ही उन्होंने राज्य के बारे में जानने का कोई प्रयास किया है। अब समय आ गया है कि वह अपना स्क्रिप्ट राइटर बदल लें और जो कुछ उनकी पार्टी के नेता उन्हें देते हैं, उसे पढ़ना बंद कर दें।”

केटीआर ने कहा कि राहुल गाँधी और तेलंगाना प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने मेदिगड्डा बैराज के एक्सटेंशन को जोड़ने वाले बैराज के लिए बन रहे पिलर्स को बैराज के टूटने के सबूत के रूप में पेश करने की कोशिश की। इसके जरिए ये लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि यह बहने वाला है। उन्होंने राहुल गाँधी को ‘भारत का पप्पू’ और रेवंत रेड्डी को ‘तेलंगाना का पप्पू’ बताया।

केटीआर ने कहा कि ये लोग इंजीनियरों की तरह बात करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें ये भी नहीं पता कि वो क्या कह रहे हैं। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में भी ये बाते दोहराई। केटीआर ने रेवंत रेड्डी को ‘नोट के बदले वोट मामले में रंगे हाथों पकड़ा गया ब्लैकमेलर और भ्रष्ट नेता बताया। साथ ही कहा कि ये अब पैसे के लिए पार्टी के टिकट बेचता है।

केटीआर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी का नाम कॉन्ग्रेस नहीं, बल्कि ‘घोटाला’ होना चाहिए। उन्होंने कॉन्ग्रेस के कर्नाटक मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गाँव तक में पानी की सप्लाई नहीं आती। ये कैसा मॉडल है? ये तो बकवास है।

राहुल गाँधी ने केटीआर को कहा था भ्रष्टाचारी

बता दें कि राहुल गाँधी ने ट्वीट करके केटीआर को घेरा था। उन्होंने कहा था कि केसीआर और उनके परिवार के लिए कालेश्वरम परियोजना ‘एटीएम’ है। उन्होंने इस परियोजना को एक लाख करोड़ रुपए का घोटाला करार दिया था। राहुल गाँधी ने कहा था कि केसीआर जनता का पैसा लूट रहे हैं।

30 नवंबर को होंगे मतदान

गौरतलब है कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में 119 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसके लिए मतदान 30 नवंबर 2023 को संपन्न होंगे। इसकी मतगणना 3 दिसंबर 2023 को होगी। चुनाव में भारत राष्ट्र समिति (पूर्व में तेलंगाना राष्ट्र समिति), कॉन्ग्रेस और भारतीय जनता पार्टी मुख्य पार्टियाँ हैं। वहीं, बीआरएस की सहयोगी पार्टी के तौर पर असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM अहम भूमिका में है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -