Homeराजनीति'श्रीराम हमारे पूर्वज और इस्लाम पूजा-पद्धति, मज़हब बदला जा सकता है पर पूर्वज नहीं'

‘श्रीराम हमारे पूर्वज और इस्लाम पूजा-पद्धति, मज़हब बदला जा सकता है पर पूर्वज नहीं’

मुस्लिम कलाकारों ने बताया कि इस्लाम उनकी पूजा पद्धति है और राम उनके पूर्वज हैं। उन कलाकारों ने कहा कि पूजा पद्धति या मज़हब में तो बदलाव किया जा सकता है लेकिन पूर्वज को बदलना नामुमकिन है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा वाकया सुनाया, जिसे सुन कर लोगों ने जम कर तालियाँ बजाईं। लखनऊ के ऐशबाग में चल रही रामलीला में पहुँचे मुख्यमंत्री ने भगवान राम व सीता का किरदार निभा रहे कलाकारों को रोली-टीका लगाया और उनकी आरती उतारी। योगी ने रामलीला के मंच से विपक्षियों पर शब्द-बाण चलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने रामायण पर वृहद शोध की ज़रूरत पर बल दिया।

योगी ने बताया कि जब उत्तर प्रदेश में दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान रामलीला का आयोजन किया गया था, तब इंडोनेशिया से भी रामलीला की एक टीम आई थी। उस टीम में सभी कलाकार मुस्लिम थे। बकौल योगी आदित्यनाथ, उन्होंने उन कलाकारों से पूछा कि भगवान श्रीराम से आपका क्या सम्बन्ध है? उन्होंने बताया कि इस्लाम उनकी पूजा-पद्धति है और राम उनके पूर्वज हैं। उन कलाकारों ने सीएम को बताया कि पूजा पद्धति या मज़हब में तो बदलाव किया जा सकता है, लेकिन पूर्वज को बदलना नामुमकिन है।

इस कहानी के माध्यम से योगी ने विपक्षियों पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे देश में राम का नाम लेते ही कुछ लोगों को हाई-वोल्टेज करंट लगता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि थाईलैंड के राजा आज भी खुद को श्रीराम का वंशज मानते हैं। उच्च टीआरपी वाली लोकप्रिय टीवी सीरियल रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक साबित हुआ। योगी ने कहा कि भगवान राम भारत की हर एक साँस में बसे हैं।

सीएम योगी ने रामायण पर शोध कर के इसे जीवंत बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत तभी तक बना रहेगा और मानव कल्याण का मार्ग यहाँ से गुजरता रहेगा, जब तक यह देश मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम से ख़ुद को जोड़ कर उनसे प्रेरणा लेता रहेगा। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों पर ही रामराज्य की परिकल्पना की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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