Thursday, April 15, 2021
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विपक्षी नेता या मीडिया से नहीं… गाँव-देहात के किसी चौपाल पर बैठिए और जानिए योगी सरकार के 3 साल की उपलब्धियाँ

अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में रंगोत्सव और प्रयागराज में कुम्भ का सफल व भव्य आयोजन कर प्रदेश के पर्यटक स्थलों व संस्कृति के वैभव व विराटता को समस्त विश्व को दिखाकर सरकार ने प्रदेश में देश व विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का सफल प्रयास किया है।

तीन वर्ष पूर्व जनता कराह रही थी और तब गोपाल दास नीरज की यह कविता याद आती थी- “है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिए, जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए।” अराजकता, अपराध, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, विकास-हीनता, पिछड़ेपन के भयावह ‘समाजवादी’ सत्ता से त्रस्त जनता ने अंतत: मौसम बदल ही दिया और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत की भाजपा की सरकार बनी। अंधियारे से उजाले की ओर जाने की आशा में जनता जनार्दन द्वारा तीन वर्ष पूर्व लिए गए निर्णय से प्रदेश विकास के सूरज को उगता हुआ देख रहा है।

यूँ तो सैकड़ों कार्य हैं, जिन पर भाजपा सरकार को गर्व करना चाहिए। लेकिन इनमें से कुछ ऐसे कार्य हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ तकदीर भी बदली है। किसी भी राज्य के विकास के लिए जो सबसे बड़ी मूलभूत आवश्यकता होती है, वे हैं कानून व्यवस्था और आधारभूत सुविधाएँ। इन दोनों मोर्चों पर प्रदेश दशकों से बदहाली झेल रहा था। योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही जिस प्रकार प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को ठीक करने का काम किया, वह वर्तमान ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी एक ऐसा प्रशासनिक निवेश है, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास और जनजीवन को बेहतर बनाने के कीर्तिमान गढ़ने में नींव का पत्थर बन गया है।

कानून व्यवस्था

भाजपा की सरकार आने के बाद जनता भयमुक्त और अपराधी भय में रहने लगे हैं। प्रदेश के विभिन्न भागों में पेशेवर अपराधियों पर कानून का शिकंजा कस कर संगठित अपराध पर नियंत्रण लगाने से एक ओर पूरे प्रदेश में जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। वहीं, हाल ही में सीएए (CAA) के विरोध के नाम पर जिस प्रकार प्रदेश को दंगे व हिंसा की आग में झोंकने के प्रयासों को सरकार ने विफल किया है, वह इस सरकार में कानून व्यवस्था की उत्तम स्थिति को दर्शाता है। योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली अध्यादेश-2020’ से स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में उपद्रव व हिंसा करने वालों को इसका परिणाम भुगतना होगा।

अर्थव्यवस्था

राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर हुई तो राज्य में​ निवेश बढ़ने लगा और प्रदेश औद्योगिक विकास की ओर तेजी से बढ़ने लगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने में उत्तर प्रदेश का योगदान देने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर का बनाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में काम करते हुए प्रदेश में हुए सफल निवेश समिट में साढ़े चार लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए और जिनमें से ढाई लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों का शिलान्यास कर उन पर काम शुरू हो चुका है। 2 लाख लोगों को 18 हजार करोड़ रुपए का ऋण देकर उद्यमी बनाया जा रहा है।

निवेश और उद्योग

इसके अतिरिक्त ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) परियोजना शुरू कर प्रदेश के सभी जनपदों को देश के औद्योगिक मानचित्र पर लाने का सराहनीय कदम उठाया गया है। ओडीओपी योजना के अंतर्गत सरकार ने प्रदेश के 75 जिलों के अपने विशेष उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पिछले तीन सालों में 8875 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता ऋण के रूप में दी है। राज्य सरकार जनपद स्तर पर 24 घंटे, तहसील स्तर पर 20 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली दे रही है।

अन्नदाता: गाँव और किसान

विकास के विभिन्न पैमाने पर औद्योगिक विकास एक महत्वपूर्ण पक्ष है। किंतु गाँव, किसान, रोजगार, आधारभूत ढाँचा विकास जैसे अनेक पहलू हैं, जिनके एकीकृत विकास के बिना विकास की गति को सतत बनाए रखना संभव नहीं हो सकता है। यही कारण है कि 18 मार्च, वर्ष 2017 को सरकार का गठन होते ही मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में कैबिनेट ने 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ करने की न सिर्फ घोषणा की, बल्कि यह कार्य त्वरित गति व पारदर्शिता से करके पूरा भी किया। इस राहत से प्रदेश के किसानों का आत्मविश्वास पुन: लौटा और वे प्रदेश को अन्न उत्पादन में नंबर एक बनाने में जुट गए।

रोजगार

इसी प्रकार युवाओं के लिए योगी सरकार की नीतियाँ व कार्यक्रमों का परिणाम यह हुआ कि तीन साल के कार्यकाल में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 53 लाख लोगों को रोजगार मिला है। इसमें 3 लाख लोगों को तो सरकारी नौकरी दी गई हैं। इसके अतिरिक्त निवेश समिट के बाद प्रदेश में आए निवेश से 33 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला, जबकि कौशल विकास योजना से पौने दो लाख लोगों को रोजगार मिला। प्रदेश में हाल ही हुए डिफेंस एक्सपो से 5 लाख से ज्यादा लोगों के रोजगार मिलने की आशा है।

पर्यटन: धर्म एवं संस्कृति

प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए इस सरकार ने बड़ी समग्रता में नीतियाँ बनाई हैं। चाहे औद्योगिक विकास हो अथवा पर्यटन विकास हो, या फिर नगरों साथ ही गाँवों के विकास की बात हो, सभी क्षेत्रों के विकास पर सरकार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पर्यटन क्षेत्र को सरकार आगे बढ़ा रही है, जिससे प्रदेश में सेवा क्षेत्र के साथ अन्य सहायक क्षेत्रों का विकास होगा। अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में रंगोत्सव और प्रयागराज में कुम्भ का सफल व भव्य आयोजन कर प्रदेश के पर्यटक स्थलों व संस्कृति के वैभव व विराटता को समस्त विश्व को दिखाकर सरकार ने प्रदेश में देश व विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का सफल प्रयास किया है।

ट्रांसपोर्ट

दुनिया भर के लोग उत्तर प्रदेश में घूमने अथवा कारोबार के उद्देश्य से आएँ, इसके लिए सरकार ने सुविधाएँ व संसाधन उपलब्ध कराए हैं। योगी सरकार आने के बाद प्रदेश में छह नए हवाईअड्डे बने और इस प्रकार अब राज्य में हवाई अड्डों की संख्या 8 हो गई है, जबकि 11 नए हवाईअड्डों का निर्माण चल रहा है। प्रदेश हवाई सेवा के मामले में विश्व के 55 शहरों से जुड़ गया है। नोएडा के जेवर में तो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन रहा है। साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेस वे सहित अनेक नए राजमार्गों का निर्माण चल रहा है। आधारभूत ढाँचों का यह विकास क्षेत्र के कृषि, वाणिज्यिक, पर्यटन और औद्योगिक विकास में निर्माण मील का पत्थर साबित होगा।

शिक्षा

विकास और प्रगति के इस पथ का उद्देश्य जनता के जीवन स्तर को सुधारना होता है और इसमें भौतिक विकास के साथ ही जन स्वास्थ्य व चिकित्सा सुविधा का विकास भी शामिल होना चाहिए। योगी सरकार इसी उद्देश्य से प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश के 45 जनपदों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। 12 जनपदों में निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज की स्थापना कराई जा रही है। शेष 18 जनपदों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। सरकार की नई चिकित्सा नीति के अनुसार प्रदेश के सभी जनपदों में मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में सरकार की संजीदगी का ही परिणाम है कि इंसेफेलाइटिस से बच्चों की होने वाली मृत्यु पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया है। पिछले तीन सालों में इंसेफेलाइटिस के रोगियों की संख्या में 65% कमी आई है।

योगी सरकार के तीन साल की उपलब्धियाँ जाननी हो तो गाँव-देहात के किसी चौपाल पर बैठिए, जहाँ पूर्ववर्ती सरकारों में चौपालोंं में चर्चा का विषय यह होता था- कितने करोड़ का घोटाला हुआ, कहाँ हत्या, लूटमार या जमीन-मकान पर कब्जे हुए, कहाँ बलात्कार हुए, वहीं योगी सरकार के तीन बरस के कार्यकाल में जनता तक पहुँचे विकास, सुरक्षा और सुविधाओं का परिणाम यह है कि अब इन चौपालों पर चर्चा होती है कि गाँव-गाँव बिजली, पानी और सड़क की सुविधा पहुँची हैं, अपराधी प्रदेश छोड़कर भाग रहे हैं या फिर जेलों में सड़ रहे हैं, सुरक्षा का वातावरण है और प्रदेश के विकास के साथ ही सामान्य नागरिक भी प्रगति की राह पर है। योगी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर विपक्ष भले ही अनर्गल बयानबाजी करे, ले​किन जनता देख रही है कि प्रदेश में सकारात्मक व अभूतपूर्व बदलाव हुआ है।

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Harish Chandra Srivastavahttp://up.bjp.org/state-media/
Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

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