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चाय देर से मिली, लेट उठी, आसनसोल हिंसा की नहीं कोई जानकारी- TMC नेता मुनमुन सेन

जब पत्रकारों ने पश्चिम बंगाल में होने वाली हिंसा के बारे में पूछा कि इस तरह की हिंसा बार-बार क्यों हो रही है? तो मुनमुन ने इस पर आपत्ति जताते हुए पत्रकारों से कहा कि वो (पत्रकार) उस वक्त बहुत छोटे रहे होंगे, जब बंगाल में कम्युनिस्ट सरकार के शासन काल में हिंसा हुआ करती थीं, वो भी सिर्फ बंगाल में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में।

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 9 राज्यों की 72 सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं। जिसमें पश्चिम बंगाल की 8 सीटें भी शामिल हैं। पिछले चरणों की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल हिंसा से अछूता नहीं रहा। पहले तीन चरणों में भी बंगाल में मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा के साथ-साथ धांधली की खबरें सामने आईं थी। चौथे चरण के मतदान के दौरान आसनसोल के भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो पर हमला किया गया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी हमला किया गया।

वोटिंग के दौरान हुई हिंसा के बारे में जब तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की नेता और आसनसोल की उम्मीदवार मुनमुन सेन से पूछा गया तो उन्होंने कहा उन्हें इसके बारे में कुछ भी नहीं पता है, क्योंकि आज सुबह वो सोकर देर से जगी हैं। उन्होंने कहा कि बेड टी देर से मिलने की वजह से उनकी नींद देर से खुली और इस हिंसा के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

वहीं जब पत्रकारों ने पश्चिम बंगाल में होने वाली हिंसा के बारे में पूछा कि इस तरह की हिंसा बार-बार क्यों हो रही है? तो मुनमुन ने इस पर आपत्ति जताते हुए पत्रकारों से कहा कि वो (पत्रकार) उस वक्त बहुत छोटे रहे होंगे, जब बंगाल में कम्युनिस्ट सरकार के शासन काल में हिंसा हुआ करती थीं, वो भी सिर्फ बंगाल में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में। कुल मिलाकर इस दौरान वो इस हिंसा पर कुछ भी बोलने से बचती नज़र आईं।

इसके साथ ही जब उनसे पिछले साल आसनसोल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के बारे में पूछा गया कि क्या उन्होंने दंगे के शिकार हुए पीड़ितों से मुलाकात की थी, तो उन्होंने कहा कि उस दौरान वो काफी व्यस्त थीं। उस समय काफी रैलियाँ और बैठकें थीं, जिसकी वजह से वो उनसे नहीं मिल पाईं। वो सिर्फ अपना और तृणमूल का प्रचार कर रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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