अलका लाम्बा ने AAP विधायक को कहा, थूक कर चाटना आपको शोभा नहीं देता!

सौरभ ने अलका को ट्रॉल करते हुए पूछा, “जनता से पूछना कि ‘कॉन्ग्रेस में चली जाऊँ?’ अगर जनता ‘हाँ’ कह दे, तो इसको साइन करके भेज देना, बाक़ी ज़िम्मेदारी आपके इस भाई की।"

आम आदमी पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं की ग्रह दशा कुछ ठीक नहीं चल रही है, यही वजह है कि पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल गठबंधन के लिए संघर्षरत नजर आ रहे हैं और पार्टी विधायक अलका लाम्बा केजरीवाल जी की अनदेखी से परेशान रहा करती हैं। इसी वजह से अलका लाम्बा ट्विटर पर हर दूसरे दिन किसी ना किसी नेता पर ‘अरविन्द केजरीवाल मॉडल’ पर भिड़ती हुई नजर आती हैं।

इस बार अटेंशन की कमी से जूझती AAP विधायक अलका लाम्बा ने अपनी पार्टी विधायक से ही बहस करते हुए बड़ी बात कह डाली। AAP के दोनों नेताओं के बीच विवाद मंगलवार (मार्च 03, 2019) को कॉन्ग्रेस की ओर से जारी किए गए घोषणापत्र के बाद हुआ।

दिल्ली में AAP और कॉन्ग्रेस के गठबंधन की अटकलों के बीच अलका लांबा ने ट्वीट किया और अपनी ही पार्टी की दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की माँग पर सवाल उठा दिया। उन्होंने लिखा, “हर पार्टी का अपना घोषणा पत्र होता है, कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र में पॉन्डिचेरी को तो पूर्ण राज्य देने की बात है, पर दिल्ली को लेकर कोई बात नही है, साफ है कि कॉन्ग्रेस के लिए अब ‘दिल्ली-पूर्ण राज्य’ मुद्दा नही रहा। वहीं AAP इसी मुद्दे को अपना प्रमुख मुद्दा बना रही है, गठबंधन कैसे होगा?”

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अलका लांबा के इस ट्वीट के बाद AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर लिखा, “आप क्या चाहती हैं? पूर्ण राज्य या …..”

विधायक सौरभ भारद्वाज के इस ट्वीट के बाद अल्का ने ट्वीट कर लिखा, “मेरे चाहने ना चाहने से क्या फ़र्क पड़ता है…. वैसे भी यह पूछने का समय अब निकल चुका है… अब तो दिल्ली की जनता ही तय करेगी।”

इस पर सौरभ ने लिखा कि जनता को पता होना चाहिए, उनका नेता क्या चाहता है, तभी तो जनता अपने नेता के बारे में तय करेगी। इसके बाद अलका लाम्बा ने सीधा फ़्रंटफूट पर आकर जवाब दिया, “मेरी जनता मुझे बखूबी जानती है, 2020 आने पर पूरे 5 साल का जवाब-हिसाब और क्या सोचती हूँ, सब बता दूँगी, दूसरी बात मैं आप से उलट सोचती हूँ, जनता से अधिक नेता को पता होना चाहिए कि उसकी जनता क्या सोचती और चाहती है, नेता को वही करना चाहिए, ना कि जनता पर अपनी थोपनी चाहिए”

इस पर सौरभ ने उन्हें ट्रॉल करते हुए पूछा, “जनता से पूछना कि ‘कॉन्ग्रेस में चली जाऊँ?’ अगर जनता ‘हाँ’ कह दे, तो इसको साइन करके भेज देना, बाक़ी ज़िम्मेदारी आपके इस भाई की। अगर जनता ‘ना’ कहे तो अनुशासन से रहो, तब भी ज़िम्मेदारी इसी भाई की। अब सो जाओ, शुभ रात्रि।”

सौरभ के इस ट्वीट के जवाब में अलका ने लिखा, “छोटे भाई, धोखा मत दो बड़ी बहन को, यह आदत अब बदल लो, वचन दिया है, अब कल 3 बजे, जामा मस्जिद गेट नंबर 1 पर पहुँच जाना थूक कर चाटने की आदत तो भाजपाइयों की है, आप को यह शोभा नही देता। कल मुझे छोटे भाई सौरव का इंतज़ार रहेगा। शुभ रात्रि, जय हिंद !!!

इसके बाद अलका लाम्बा ने अरविन्द केजरीवाल का नाम लिए बिना उनकी तानाशाही की ओर इशारा करते हुए एक स्वरचित भावुक और सुंदर कविता को भी ट्विटर पर पोस्ट किया जिसके बोल हैं,
“जिसे हम #लोकतंत्र समझते थे,
आज #प्रश्न करने पर उन्हें वह #अनुशासनहीनता लगने लगी।
तानाशाही के दौर में,
लगता है उसे भी अब कुछ सुनना पसंद नही।
बड़े आये, बड़े चले गए,
ना कुछ लाया था साथ,
ना कुछ साथ ले जायेगा।
घमंड में कोई लंबा जिया नही।
कुर्सी तो आनी जानी है,
लालच इसका हमें नही !”

ट्विटर पर चल रही 2 खलिहर विधायकों की इस चकल्लस पर ट्विटर यूजर्स ने दोनों विधायकों को सलाह देते हुए कहा कि दोनों भाई-बहन कॉल कर के लड़ लो और घर के मामलों को इस तरह से सड़क पर मत लाओ।

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