HomeराजनीतिCM योगी ने मुस्लिम बहुल मलेरकोटला को जिला बनाने की घोषणा पर लताड़ा, कहा-...

CM योगी ने मुस्लिम बहुल मलेरकोटला को जिला बनाने की घोषणा पर लताड़ा, कहा- कॉन्ग्रेस अपना रही विभाजनकारी नीति

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा कि मत और मजहब के आधार पर किसी भी प्रकार का विभेद भारत के संविधान की मूल भावना के विपरीत है और साथ ही यह भी कहा कि मलेरकोटला का गठन कॉन्ग्रेस की विभाजनकारी नीति का परिचायक है।

शुक्रवार (14 मई) को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि मलेरकोटला को पंजाब का 23वाँ जिला बनाया जाएगा। पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा मुस्लिम बहुल क्षेत्र को अलग जिला बनाए जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंजाब सरकार की आलोचना की और कहा कि मलेरकोटला का गठन किया जाना कॉन्ग्रेस की विभाजनकारी नीति का परिचायक है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ट्वीट करके कहा कि मत और मजहब के आधार पर किसी भी प्रकार का विभेद भारत के संविधान की मूल भावना के विपरीत है और साथ ही यह भी कहा कि मलेरकोटला का गठन कॉन्ग्रेस की विभाजनकारी नीति का परिचायक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान तब आया जब पंजाब सरकार द्वारा ईद के दिन एक मुस्लिम बहुल इलाके को नया जिला बनाने की घोषणा की गई।

मुस्लिम बहुल कस्बा मलेरकोटला अब तक संगरूर जिले का हिस्सा था। यह संगरूर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नए जिले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं जानता हूँ कि यह लंबे समय से लंबित माँग रही है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के वक्त पंजाब में 13 जिले थे। सिंह ने कहा कि मलेरकोटला शहर, अमरगढ़ और अहमदगढ़ नए जिले की सीमा में आएँगे। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करके कहा था कि ईद-उल-फ़ितर के मौके यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि मलेरकोटला पंजाब का एक नया जिला बनाया जाएगा। यह पंजाब का 23वाँ जिला होगा।

वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा था कि उनकी ईद के मौके पर मलेरकोटला में आने की बहुत इच्छा थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण वह आ नहीं सके। उन्होंने कहा था कि मलेरकोटला पटियाला रियासत का हिस्सा रहा है और उनके बुज़ुर्गों के मलेरकोटला के नवाब के साथ बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने मलेरकोटला के विकास के लिए 6 करोड़ रुपए का अनुदान देने की भी घोषणा की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -