Monday, November 28, 2022
Homeराजनीति'जिस जगह है गरीब की झोपड़ी, वो जमीन होगी उसके नाम': CM योगी ने...

‘जिस जगह है गरीब की झोपड़ी, वो जमीन होगी उसके नाम’: CM योगी ने किया 21562 आवासों के लाभाथियों के खाते में पहली किस्त ट्रांसफर

कुछ जिलों की तरह जरूरत के अनुसार गरीबों के आवास क्लस्टर में भी बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यहाँ अपने आवास पर मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 21562 आवासों के लाभाथियों के खाते में पहली किस्त के रूप में 87 करोड़ रुपए का हस्तातंरण किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (दिसंबर 29, 2020) को अधिकारियों से कहा कि जिस जमीन पर किसी गरीब की झोपड़ी है, वह उसके नाम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी जमीन रिजर्व श्रेणी की नहीं है। उसे लेकर कोई विवाद नहीं है तो झोपड़ी की जमीन संबंधित व्यक्ति के नाम करने के लिए स्वामित्व योजना के तहत अभियान चलाएँ

कुछ जिलों की तरह जरूरत के अनुसार गरीबों के आवास क्लस्टर में भी बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यहाँ अपने आवास पर मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 21562 आवासों के लाभाथियों के खाते में पहली किस्त के रूप में 87 करोड़ रुपए का हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के हर लाभार्थी को शासन की सभी योजनाओं (शौचालय, रसोईगैस, बिजली, आयुष्मान भारत, जीवन ज्योति और जीवन सुरक्षा आदि) से संतृप्त करने के लिए अभियान चलाएँ।

इन लाभार्थियों को वहाँ की जरूरत के अनुसार, स्वरोजगार के किसी कार्यक्रम (बकरी एवं मुर्गी पालन, डेयरी आदि) से जोड़ें। इस बाबत उनको जरूरी प्रशिक्षण दें और बैंकर्स से जोड़ कर जरूरी पूँजी उपलब्ध कराकर उनको स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि घर के लिए मिले पैसे का उपयोग घर के लिए ही हो स्थानीय प्रशासन इसे सुनिश्चित कराए। गरीबों को मकान बनाने के लिए ईंट, बालू, मिट्टी, छड़ आदि वाजिब दाम पर और आसानी से मिलें यह भी सुनिश्चित कराएँ। इनकी आपूर्ति करने वालों से संपर्क करें। मकान के कार्य की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करें। इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों से बात की

सीएम योगी ने कहा कि गोशालाओं से चिन्हित कर पालने की शर्त के साथ एक स्वस्थ्य गाय दें। सरकार ऐसे गायों को पालने के लिए प्रति माह जो 900 रुपए देती है, वह उसके खाते में दें। मनरेगा के तहत गायों के रहने के लिए छाजन भी बनाए जा सकते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों से बात की। नाम, पता, पति का काम, कितने बच्चे हैं आदि जैसे सवाल पूछे।

इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि शासन की किन-किन योजनाओं का लाभ मिला है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया कि इन सबको अभियान चलाकर शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलवाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिले पैसे से घर बनाना है। बच्चों को नियमित स्कूल भेजें और उनको खूब पढ़ाएँ।

जिन लाभार्थियों से मुख्यमंत्री ने बात की, उनमें अयोध्या की प्रेमा, आजमगढ़ की सोनी, कुशीनगर की संगीता, जौनपुर की आशा, गोरखपुर के अक्षयबर, रायबरेली की अंशु, सोनभद्र की के बरई, वाराणसी की मीरा, प्रतापगढ़ के त्रिवेनी और मीरजापुर की मुनरी देवी शामिल रहीं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लेना चाहते थे 7 फेरे, लेकिन दिलवाई हिंदू विरोधी शपथ: कॉन्ग्रेसी मंत्री की मौजूदगी में ‘बौद्ध’ वाली शादी, घर पहुँच देवी-देवताओं की पूजा

भरतपुर में एक दूल्हे ने बताया, "मैं भी सात फेरे लेकर शादी करना चाहता था, लेकिन जब दूसरे दूल्हों ने विरोध नहीं किया, तो मैं भी चुपचाप रहा।"

8 बच्चों के बाप की ‘बेटी-बहू’ पर थी बुरी नजर, पत्नी-बेटे ने काटकर किए टुकड़े: मई में मर्डर-नवंबर में खुलासा, रामलीला मैदान में मिले...

पांडव नगर में हुई अंजन दास की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गया। जून में पुलिस को सिर बरामद हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
235,855FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe