Sunday, June 16, 2024
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कैराना से हिन्दुओं के पलायन के मास्टरमाइंड गैंगस्टर नाहिद हसन और रफीक अंसारी को सपा ने फिर दिया टिकट, भाजपा ने बताया- ‘जिन्नावाद’

फरवरी 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने नाहिद हसन, उनकी माँ तबस्सुम और 38 अन्य लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।

आगामी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने अपने 29 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में RLD के 19 और समाजवादी पार्टी के 10 उम्मीदवार हैं। इन उम्मीदवारों में कई नाम ऐसे हैं जिनका इतिहास विवादित रहा है।

नाहिद हसन

समाजवादी पार्टी द्वारा शामली जिले की कैराना सीट के लिए नाहिद हसन का नाम घोषित किया गया है। नाहिद हसन के खिलाफ पुलिस में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी के साथ उन्हें कैराना से हिन्दुओं के अतिचर्चित पलायन का मास्टरमाइंड भी कहा जाता है। भाजपा ने नाहिद हसन को दोबारा टिकट दिए जाने को समाजवादी पार्टी का ‘जिन्नावाद’ कहा है।

कई भाजपा नेताओं ने नाहिद हसन को दोबारा टिकट दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। नाहिद हसन पर जमीन खरीदने के मामले में धोखाधड़ी का भी केस दर्ज है। वह शामली जिले की विशेष अदालत से भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। नाहिद हसन कैराना से सपा के वर्तमान विधायक भी हैं। उनकी माँ तबस्सुम इसी क्षेत्र से पूर्व सांसद रहीं हैं।

लम्बे समय तक फरार रहने वाले नाहिद हसन ने जनवरी 2020 में अदालत में सरेंडर किया था। लगभग 1 माह से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी। फरवरी 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने नाहिद हसन, उनकी माँ तबस्सुम और 38 अन्य लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।

साल 2019 में वायरल हुए एक वीडियो में नाहिद हसन को कैराना में भाजपा से जुड़े लोगों का बहिष्कार करने की अपील करते देखा गया था।

नाहिद हसन का प्रशासनिक अधिकारियों से भी उलझने के कई वीडियो वायरल हुए हैं। सितम्बर 2019 में SDM अमित पाल शर्मा ने जब उनसे वाहन के कागज़ माँगे तक उन्होंने काफी लम्बी जद्दोजहद की थी।

अक्टूबर 2019 में नाहिद हसन ने कैराना पुलिस स्टेशन में घुस कर इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा से विवाद किया था।

रफीक अंसारी

मेरठ से समाजवादी पार्टी के विधायक रफीक अंसारी को दोबारा टिकट दिया गया है। उन पर भी कई आपराधिक केस लंबित हैं। वो अपनी ही पार्टी के एक अन्य नेता को मौत की धमकी देने के बाद चर्चित हुए थे। अक्टूबर 2021 में मेरठ की एक अदालत ने बुंदू खान अंसारी की शिकायत पर रफ़ीक अंसारी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। शिकायत में कहा गया था कि विधायक रफ़ीक अंसारी ने उन्हें अपनी जमीन फर्जी कागज़ातों के आधार पर बेच कर उनका पैसा हड़प लिया है।

नवम्बर 2017 में रफीक अंसारी की एक ऑडियो वायरल हुई थी। ऑडियो में वो समाजवादी पार्टी के ही एक अन्य नेता को नगर निगम चुनावों के दौरान जान से मारने की धमकी दे रहे थे। विधायक अंसारी की मेरठ के नौचंदी थाने में हिस्ट्रीशीटर भी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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