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उत्तराखंड में कुकुरमुत्ते की तरह पनप रहे अवैध मजार, संरक्षित वनों में जीव-जंतुओं को भी दिक्कत: बोले CM धामी – अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, होगी कार्रवाई

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार राज्य के अवैध मजारों पर कार्रवाई करने जा रही है। उन्होंने पहाड़ों पर बन गई कई अवैध मजारों को लेकर कहा कि उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के सत्यापन के लिए भी अभियान चला रही है। इसके तहत हजारों लोग चिह्नित किए गए हैं। साथ ही उन्होंने डेमोग्राफी में हो रहे बदलाव पर भी अपनी चिंता जाहिर की।

वो चाणक्यपुरी स्थित होटल अशोक में साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य-Organiser द्वारा आयोजित ‘मीडिया महामंथन’ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। पहाड़ों पर बनती अवैध मजारों पर उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल्द ही राज्य में UCC (समान नागरिक संहिता) लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी कि वो स्वास्थ्य चेक-अप करा कर और डॉक्टर की सलाह लेकर ही पहाड़ की यात्रा पर आएँ।

बता दें कि उत्तराखंड में मजारें बना कर पहाड़ों का अवैध अतिक्रमण धड़ल्ले से जारी है। वहाँ के पहाड़ी वन संरक्षित और आरक्षित हैं, लेकिन इसके बावजूद अचानक वहाँ कई मजार पैदा हो गए हैं। तराई एवं भाबर क्षेत्रों में बीते डेढ़ दशकों में तेजी से मजारों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे वन्यजीवों के प्रबंधन में भी दिक्कतें आ रही हैं। वन विभाग मुख्यालय भी इसकी जाँच कर रहा है। राजाजी से लेकर कार्बेट टाइगर रिजर्व में भी ऐसे अवैध अतिक्रमण हुए हैं।

स्थानीय लोगों ने इसका दोष वन्य विभाग को देते हुए कहा कि इससे जीव-जंतुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे आयोजन भी होते हैं, जिनसे वन्यजीव खतरा महसूस करते हैं। इससे जंगलों की शांति भंग होती है। राज्य के मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि इस संबंध में सभी वन प्रभागों और सरंक्षित क्षेत्रों के निदेशकों से रिपोर्ट मिलने पर इसका अध्ययन करने के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमणों को बर्दाश्त न करते हुए उन्हें हटाया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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