Saturday, July 24, 2021
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थरूर पब्लिसिटी के भूखे, जयराम के ही कारण डूबा UPA-2: वीरप्पा मोइली का अपने ही साथियों पर निशाना

रमेश ने हाल ही में विपक्षी नेताओं को सलाह देते हुए कहा था कि हमेशा मोदी को विलेन बनाना काम नहीं आने वाला और सरकार के अच्छे क़दमों की तारीफ़ की जानी चाहिए। इसके बाद कॉन्ग्रेस के लोग ही उनके विरोध में उतर आए हैं।

मनमोहन सिंह की यूपीए-2 सरकार में मंत्री रहे जयराम रमेश और शशि थरूर पर उनके कैबिनेट साथी रहे कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली जमकर बरसे हैं। मोइली ने तिरुवनंपुरम से पार्टी सांसद शशि थरूर को पब्लिसिटी का भूखा बताया है। वहीं, जयराम को पॉलिसी पैरालिसिस के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि उनके कारण ही यूपीए-2 डूबी थी।

मोइली यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोलियम, क़ानून और कॉरपोरेट मामले जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं, जबकि रमेश उस यूपीए-2 में पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे महकमों को सँभाला था।

रमेश ने हाल ही में विपक्षी नेताओं को सलाह देते हुए कहा था कि हमेशा मोदी को विलेन बनाना काम नहीं आने वाला और सरकार के अच्छे क़दमों की तारीफ़ की जानी चाहिए। इसके बाद कॉन्ग्रेस के लोग ही उनके विरोध में उतर आए हैं। मोइली ने कहा कि रमेश ने सत्ता में रहते हुए यूपीए-2 सरकार के सिद्धांतों से कई बार समझौता किया।

मोइली ने कहा कि जयराम रमेश पर्यावरण मंत्री थे और ग्रामीण विकास मंत्रालय भी उन्हीं के पास था। बकौल मोइली, जयराम रमेश ने इंडस्ट्रीज को काफ़ी नुक़सान पहुँचाया और कंपनियों को ज़मीन अधिग्रहण करने में बाधाएँ उत्पन्न की। मोइली ने कहा कि रमेश के कार्यकाल में पर्यावरण मंत्रालय में सारी चीजें नकारात्मक ही हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडस्ट्रीज को पर्यावरण क्लीयरेंस देने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई। मोइली ने थरूर को पब्लिसिटी का भूखा बताते हुए कहा कि वो तो कभी गंभीर नेता रहे ही नहीं।

कहा जा रहा है कि शशि थरूर, अभिषेक मनु सिंघवी और जयराम रमेश के बयानों से कॉन्ग्रेस का आलाकमान भी नाराज़ चल रहा है। केरल कॉन्ग्रेस ने तो थरूर से उनके बयान पर सफाई भी माँगी है। थरूर ने कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि हर समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खलनायक की तरह पेश करना सही नहीं है। उनके अच्छे काम के लिए उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए। इससे उनकी आलोचना को विश्वसनीयता मिलेगी।

इससे पहले कुमारी शैलजा और अधीर रंजन चौधरी सहित कई कॉन्ग्रेस नेता भी रमेश के बयान की आलोचना कर चुके हैं। मोइली ने कहा कि जयराम रमेश ऐसे बयान देकर कॉन्ग्रेस का नुक़सान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि रमेश ने भाजपा से समझौता कर लिया है। मोइली ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं पर कॉन्ग्रेस आलाकमान को कार्रवाई करनी चाहिए।

मोइली ने जयराम रमेश के बारे में कहा कि ऐसे नेता पार्टी जब जीतती है तो सत्ता भोगते हैं और जब पार्टी विपक्ष में रहती है तो सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में बोलते हैं। मोइली ने कहा कि जो नेता कॉन्ग्रेस छोड़ कर जाना चाहते हैं, वे सीधे चले जाएँ और पार्टी के भीतर रह कर पार्टी की विचारधारा को नुक़सान न पहुँचाएँ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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