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बंगाल में गोत्र वार: टीएमसी MP महुआ मोइत्रा के ‘चोटीवाले राक्षस’ पर बोले गिरिराज- धोते रहिए रोहिंग्या के पैर

"शिखा/चुटिया हिंदुस्तान की सनातन सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है और वोट की खातिर सनातन को गाली देना उचित नहीं है। रोहिंग्या के पैर धोते रहिए…जल्द ही हिदुस्तान जवाब माँगेगा।"

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में 30 विधानसभा सीटों पर 1 अप्रैल को वोट डाले जाएँगे। उससे पहले गोत्र की सियासत गरमा गई है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान से हुई। उसके बाद से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के बीच ट्विटर पर जंग छिड़ गई है।

ममता को जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने पूछा था कि क्या रोहिंग्या और घुसपैठियों का भी गोत्र शांडिल्य है। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “रोहिंग्या को वोट के लिए बसाने वाले, दुर्गा-काली पूजा रोकने वाले, हिंदुओं को अपमानित करने वाले, अब हार के खौफ से गोत्र पर उतर गए। ‘शांडिल्य गोत्र’ सनातन और राष्ट्र के लिए समर्पित है, वोट के लिए नहीं।”

इसके जवाब में महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया, “केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कहते हैं कि ममता का गोत्र रोहिंग्याओं का है। हमें इस पर गर्व है। ये चोटीवाले राक्षस गोत्र से तो कहीं बेहतर है।”

अब इसका जवाब देते हुए गिरिराज ने ट्वीट किया है, “शिखा/चुटिया हिंदुस्तान की सनातन सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है और वोट की खातिर सनातन को गाली देना उचित नहीं है। रोहिंग्या के पैर धोते रहिए…जल्द ही हिदुस्तान जवाब माँगेगा।”

गौरतलब है कि नंदीग्राम में मंगलवार (30 मार्च 2021) को ममता बनर्जी ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान वे एक मंदिर में गईं तो पुजारी ने उनका गोत्र पूछा और उन्होंने अपना गोत्र ‘माँ-माटी-मानुष’ बताया। रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि उनका गोत्र ‘शांडिल्य’ है किन्तु वो अपना गोत्र ‘माँ-माटी-मानुष’ बताती हैं।

नंदीग्राम में भी 1 अप्रैल को मतदान होगा। यहाँ ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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