Homeराजनीतिममता के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम से हमला करने वाला निकला बांग्लादेशी नागरिक,...

ममता के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम से हमला करने वाला निकला बांग्लादेशी नागरिक, CID ने पकड़ा

जब वह अपनी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर इंतजार कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलवारों ने मंत्री पर बम से हमला कर दिया। बम हमले के दौरान हुसैन और अन्य को गंभीर चोटें आई थीं।

पश्चिम बंगाल अपराध जाँच विभाग (CID) ने पिछले हफ्ते बांग्लादेश की सीमा से सटे मुर्शिदाबाद के नीमतिता रेलवे स्टेशन में हुए विस्फोट के सिलसिले में एक बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। बता दें कि इस हमले में राज्य मंत्री जाकिर हुसैन और 20 से अधिक अन्य लोग हमले में घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीआईडी अधिकारियों ने हमले के सिलसिले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जाँच अभी चल रही है।

17 फरवरी को एक जानलेवा हमले में, राज्य सरकार के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम फेंका गया था। जाकिर हुसैन कोलकाता जाने के लिए यहाँ पहुँचे थे। जब वह अपनी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर इंतजार कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलवारों ने मंत्री पर बम से हमला कर दिया। बम हमले के दौरान हुसैन और अन्य को गंभीर चोटें आई थीं। फिलहाल शहर के एक सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंत्री अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ स्टेशन की ओर जा रहे थे कि तभी पीछे से अचानक धमाका होता है और चिल्लाने की आवाजें आती हैं।

इस हमले के बाद, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया था कि जाकिर हुसैन पर बम हमला एक साजिश का हिस्सा था क्योंकि कुछ लोग उन पर दूसरी पार्टी में शामिल होने का दबाव बना रहे थे।

ममता बनर्जी ने कहा, “यह मंत्री जाकिर हुसैन पर एक पूर्व नियोजित हमला था। कुछ लोगों ने दावा किया है कि विस्फोट को दूर से नियंत्रित किया गया था। यह एक साजिश है। कुछ लोग पिछले कुछ महीनों से जाकिर हुसैन पर पार्टी में शामिल होने का दबाव बना रहे थे। मैं कुछ भी खुलासा नहीं करना चाहती, क्योंकि जाँच जारी है।”

गौरतलब है कि यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोरों शोरों पर है। घटना को लेकर राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में कानून व्यवस्था नहीं है। यहाँ तक ​​कि मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।

अग्निवीरों के रोजगार पर कांग्रेस शासित राज्यों की चुप्पी क्यों? बीजेपी सरकारों ने बनाई नीति, विपक्षी राज्यों में अब भी इंतजार

अग्रिवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेगा जिसमें से 75 फीसदी सेना छोड़ देंगे। इनके जॉब को लेकर कॉन्ग्रेस सरकारें कोई प्लान नहीं बना पाई है।
- विज्ञापन -