Monday, April 6, 2020
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EC से चुनाव में धांधली की ‘अनुमति’ माँगने वाले TMC नेता पर आयोग रखेगा निगरानी

जुलाई 2013 में, अनुब्रत मंडल ने बीरभूम में एक सार्वजनिक बैठक में अपने समर्थकों से पुलिस पर बम फेंकने और पंचायत चुनावों में TMC विद्रोही उम्मीदवारों के घर जलाने को कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

देश में आज लोकसभा चुनाव का चौथा चरण चल रहा है, इसलिए चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल की सुबह तक विवादास्पद TMC नेता अनुब्रत मंडल पर कड़ी निगरानी रखने का फैसला किया है। मतदानकर्मियों ने TMC नेता के प्रति अपना डर व्यक्त किया था जिसके बाद चुनाव आयोग ने रविवार (28 अप्रैल) को यह फैसला लिया। मतदानकर्मियों ने यह भी कहा था कि यदि TMC बीरभूम जिला अध्यक्ष मतदान के दिन एक बूथ से दूसरे बूथ तक चहलकदमी करेंगे यानी वहाँ आएँगे-जाएँगे तो इससे उन्हें ख़तरा है।

चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों ने रविवार शाम को आधिकारिक तौर पर अनुब्रत मंडल से मुलाक़ात की और उनसे उनका सेल फोन जमा करने को कहा। उनसे अनुरोध किया गया कि वे ज़िला मजिस्ट्रेट के साथ सहयोग करें और उन्हें बताया गया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बल का एक जवान 30 अप्रैल 2019 की सुबह तक उन पर कड़ी नज़र रखेगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वास्तव में ‘हाउस अरेस्ट’ नहीं है क्योंकि वे पर्यवेक्षक के साथ कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र हैं और उनकी प्रत्येक गतिविधि की वीडियोग्राफी की जाएगी।

अपने उद्दंड स्वभाव के लिए बदनाम अनुब्रत मंडल ने CNN न्यूज 18 को बताया, “इस तरह के निर्देश का TMC के वोट शेयर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मुझ पर चुनाव आयोग की निगरानी से हमारा वोट शेयर बढ़ेगा। यदि वे मेरे मोबाइल फोन लेना चाहते हैं, तो मुझे कोई समस्या नहीं है क्योंकि मैं किसी अन्य फोन का उपयोग कर सकता हूँ। जहाँ तक बात ‘क्लोज वॉच’ की है तो यह मेरे लिए एक चिंता का विषय है, मेरा एक सिद्धांत है कि चुनाव के दौरान मैं कहीं नहीं जाता। मैं पार्टी कार्यालय में बैठता हूँ।”

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मंडल ने यह भी कहा कि उन्होंने उन सभी को सिरदर्द, शरीर में दर्द आदि की दवा दी है जिनको जरूरत थी और उन्हें उम्मीद है कि मतदान अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है क्योंकि मतदान से संबंधित सभी काम पहले ही हो चुके थे।

दरअसल, बीरभूम में भाजपा कार्यालय के बाहर पुलिस तैनात थी, जहाँ यह आरोप लगाया गया था कि TMC के गुंडों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। मंडल ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि बीजेपी इन हमलों का ज़िक्र केवल ‘ध्यान आकर्षित’ करने के लिए कर रही है।

वर्तमान में, बीरभूम जिले की दो सीटों (बीरभूम और बोलपुर) पर मतदान हो रहा है, अनुब्रत मंडल पर यह प्रतिबंध ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC के लिए कयामत ढा सकता है। वर्तमान में, इन दोनों सीटों पर TMC का ही क़ब्ज़ा रहा है जिसका श्रेय अक्सर मंडल को ही दिया जाता है।

2016 में भी, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान, अनुब्रत मंडल को चुनाव आयोग ने 24 घंटे निगरानी में रखा था। जुलाई 2013 में, उन्होंने बीरभूम में एक सार्वजनिक बैठक में अपने समर्थकों से पुलिस पर बम फेंकने और पंचायत चुनावों में TMC विद्रोही उम्मीदवारों के घर जलाने को कहा था। सितंबर 2018 में TMC कार्यकर्ताओं को पार्टी के बागी होने का निर्देश देते हुए उन्हें कैमरे में देखा गया था। अप्रैल 2019 में, तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता अनुब्रत मंडल ने चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों से अपील की कि आयोग उन्हें चुनाव में धांधली करने दे और अपने लोगों (TMC कार्यकर्ता) को प्रति बूथ पर 500-600 वोटों का “प्रबंध” करने की अनुमति दे।

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