Wednesday, July 28, 2021
Homeराजनीति'प्रशांत किशोर को इतना पैसा कहाँ से मिल रहा है': एक और TMC विधायक...

‘प्रशांत किशोर को इतना पैसा कहाँ से मिल रहा है’: एक और TMC विधायक बागी, कहा- पार्टी में कई समस्याएँ

"उन्हें (प्रशांत किशोर) पार्टी में किराए पर रखा गया है। उनकी नियुक्ति होने के बाद से सभी तरफ से नुकसान होना शुरू हो गया है। मैं ममता बनर्जी की वजह से ही पार्टी में शामिल हुआ हूँ। उन्हें अपने दम पर पार्टी चलानी चाहिए।"

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाली की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) में शुरू हुई उठा-पठक थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के एक और विधायक ने सार्वजनिक तौर पर असंतोष जताया है। बागी तेवर दिखाने वाले ये विधायक हैं, जटू लाहिड़ी। वे हावड़ा जिले के शिबपुर से टीएमसी विधायक हैं।

लाहिड़ी ने सीधे प्रशांत किशोर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बगावती तेवर दिखाए हैं। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर फिलवक्त बंगाल में टीएमसी की चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। लेकिन, उनके तौर-तरीकों को लेकर पार्टी के कई विधायक असंतोष जता चुके हैं।

लाहिड़ी ने पार्टी की मौजूदा समस्याओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, “उन्हें (प्रशांत किशोर) पार्टी में किराए पर रखा गया है। उनकी नियुक्ति होने के बाद से सभी तरफ से नुकसान होना शुरू हो गया है।” लाहिड़ी ने पार्टी छोड़ने के संकेत देते हुए कहा, “मैं ममता बनर्जी की वजह से ही पार्टी में शामिल हुआ हूँ। उन्हें अपने दम पर पार्टी चलानी चाहिए।”

हाल ही में ममता बनर्जी की कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले शुभेंदु अधिकारी पर बात करते हुए लाहिड़ी ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी मंत्री पद के मोह से बाहर निकलने में सक्षम थे। पार्टी में कई समस्याएँ हैं। हम सभी इस बात से दुखी हैं। हावड़ा नगर निगम के चुनाव को दो साल हो चुके हैं, लेकिन आम लोगों को सेवाएँ नहीं मिल पा रही हैं। प्रशांत किशोर से जुड़े सदस्यों ने मुझे कई कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मजबूर किया है। किसी को भी किसी भी कार्यक्रम के लिए मजबूर करने का अधिकार नहीं है।” टीएमसी विधायक लाहिड़ी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्हें (प्रशांत किशोर से जुड़े सदस्यों को) इतना पैसा कहाँ से मिल रहा है।”

गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के मंत्री पद से इस्तीफे के पीछे भी वजह प्रशांत किशोर (पीके) ही बताए जाते हैं। शुभेंदु अधिकारी ने (29 जून, 2020) रविवार को पूर्वी मिदनापुर में सभा भी की थी। हालाँकि संबोधन के दौरान उन्होंने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर इलाके के तृणमूल विधायक दीपक हल्दर भी नाराज बताए जाते हैं। सिंगूर विधायक रबीन्द्रनाथ भट्टाचार्जी भी पार्टी छोड़ने की धमकी दे चुके हैं। TMC के एक अन्य असंतुष्ट विधायक मिहिर गोस्वामी पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी सिर्फ हिंदुओं की सुनते हैं, पाकिस्तान से लड़ते हैं’: दिल्ली HC में हर्ष मंदर के बाल गृह को लेकर NCPCR ने किए चौंकाने...

एनसीपीसीआर ने यह भी पाया कि बड़े लड़कों को भी विरोध स्थलों पर भेजा गया था। बच्चों को विरोध के लिए भेजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 83(2) का उल्लंघन है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,660FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe