Saturday, April 20, 2024
Homeराजनीतिसंसद में धार्मिक नारेबाजी बर्दाश्त नहीं, विपक्षी नेताओं को रोक-टोक वाली घटना अनुचित: LS...

संसद में धार्मिक नारेबाजी बर्दाश्त नहीं, विपक्षी नेताओं को रोक-टोक वाली घटना अनुचित: LS अध्यक्ष

"मुझे नहीं लगता कि लोकसभा नारेबाजी, प्लाकार्ड दिखाने के लिए है। इसके लिए एक सड़क है, जहाँ जाकर वो ये सब कर सकते हैं। लोगों को यहाँ जो भी कहना हो, उन्हें जो भी आरोप लगाने हों, वे जैसे भी सरकार पर हमला करना चाहते हों- वो कर सकते हैं।"

नव-निर्वाचित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नए संसद सत्र की शुरुआत के बाद सांसदों द्वारा धार्मिक नारे लगाए जाने को ग़लत बताया है। बिरला ने कहा कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, यूपीए अध्यक्षा सोनिया गाँधी और तृणमूल के सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान सत्तापक्ष के सांसदों की तरफ़ से जिस तरह के नारे लगाए गए, उसे रोक कर प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार ने अच्छा कार्य किया। उन्होंने शपथ ग्रहण के दौरान विपक्षी नेताओं को रोक-टोक किए जाने को भी अनुचित ठहराया। बता दें कि संसद में ओवैसी के शपथ ग्रहण के दौरान जम कर ‘वन्दे मातरम’ के नारे लगे और सांसदों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।

इसी तरह जब तृणमूल के सांसद शपथ लेने पहुँचे, तब सत्ता पक्ष की ओर से ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए। पश्चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने पर राज्य सरकार द्वारा गिरफ़्तारी कराए जाने के बाद से ही भाजपा इस पर आक्रामक मोड में आ गई है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बारे में अपनी राय रखते हुए कहा:

“मुझे नहीं लगता कि लोकसभा नारेबाजी, प्लाकार्ड दिखाने और वेल में आने के लिए है। इसके लिए एक सड़क है, जहाँ जाकर वो ये सब कर सकते हैं। लोगों को यहाँ जो भी कहना हो, उन्हें जो भी आरोप लगाने हों, वे जैसे भी सरकार पर हमला करना चाहते हों- वो कर सकते हैं। लेकिन हाँ, गैलरी में आकर यह सब करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। मुझे नहीं पता कि नारेबाजी और विपक्षी नेताओं को रोक-टोक वाली घटनाएँ फिर होंगी या नहीं लेकिन हम संसद को नियमों के तहत चलाने की कोशिश करेंगे। ‘जय श्री राम’, ‘जय भारत’, ‘वन्दे मातरम’, मैंने कहा कि यह सब पुराने मुद्दे हैं। चर्चाओं के दौरान, यह सब अलग होता है, परिस्थितियाँ हमेशा अलग होती हैं। यह परिस्थिति अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति तय करता है।”

अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे ओम बिरला ने संसद को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए कहा कि यह मंदिर सिर्फ़ और सिर्फ़ संसदीय नियम-कायदों से चलता है। उन्होंने भारत के सबसे बड़े लोकतंत्र होने की बात याद दिलाते हुए कहा कि सांसदों को दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने उन पर विश्वास जताया है और इसीलिए वह उनके विश्वास का ख्याल रखेंगे। बिरला ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का हक़ है लेकिन सरकार को ज्यादा ज़िम्मेदारी लेनी पड़ेगी क्योंकि उनके पास बहुत बड़ा बहुमत है। सरकार को सभी सवालों के जवाब देने चाहिए।

हालाँकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपना अनुभव बताते हुए कहा जब भी किसी प्रकार की चर्चा कराने की माँग आई है, सरकार ने उसे स्वीकार किया है। कोटा से दूसरी बार लोकसभा का चुनाव जीते ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष के लिए आगे लाकर पीएम मोदी ने सबको चौंका दिया था। बिरला राजस्थान विधानसभा में भी जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। 56 वर्षीय बिरला अपने पूर्ववर्तियों से कम उम्र के हैं। इससे पहले सुमित्रा महाजन जब लोकसभा अध्यक्ष बनी थीं, तब उनकी उम्र 70 से अधिक थी और इसी तरह 2009 में स्पीकर बनीं मीरा कुमार की उम्र भी उस समय 60 से अधिक हो चुकी थी। उससे पहले सोमनाथ चटर्जी 75 की उम्र में लोकसभा अध्यक्ष बने थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेस का ध्यान भ्रष्टाचार पर’ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में बोला जोरदार हमला, ‘टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदल डाला’

पीएम मोदी ने कहा कि आपने मुझे सुरक्षा कवच दिया है, जिससे मैं सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हूँ।

ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे, ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे… नेपाल में रामनवमी की शोभा यात्रा पर मुस्लिम भीड़ का हमला, मंदिर में घुस कर बच्चे के सिर पर...

मजहर आलम दर्जनों मुस्लिमों को ले कर खड़ा था। उसने हिन्दू संगठनों की रैली को रोक दिया और आगे न ले जाने की चेतावनी दी। पुलिस ने भी दिया उसका ही साथ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe