Tuesday, January 26, 2021
Home राजनीति दुनिया सबसे सस्ते और सुरक्षित वैक्सीन को लेकर भारत की ओर देख रही, हमारे...

दुनिया सबसे सस्ते और सुरक्षित वैक्सीन को लेकर भारत की ओर देख रही, हमारे पास टीकाकरण का अनुभव: PM मोदी

"करीब 8 ऐसी संभावित वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं और जिनका उत्पादन भारत में ही होना है। भारत की अपनी 3 वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। विशेषज्ञ ये मान रहे हैं कि वैक्सीन के लिए बहुत ज़्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (दिसंबर 04, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस पर सर्वदलीय बैठक को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी अन्य देशों की कई वैक्सीन के नाम हम बाजार में सुन रहे हैं, लेकिन दुनिया कोरोनो वायरस बीमारी (COVID-19) के सबसे सस्ते और सबसे सुरक्षित टीके के इन्तजार में है और भारत की ओर देख रही है।

पीएम मोदी ने देश में COVID-19 की स्थिति पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा, “हमारे वैज्ञानिक COVID-19 के टीके बनाने के अपने प्रयास में सफल होने के लिए बहुत आश्वस्त हैं। दुनिया सबसे सस्ते और सुरक्षित वैक्सीन पर नजर रखे हुए है। यही कारण है कि दुनिया भारत को देख रही है।”

बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार वैक्सीन की कीमत को लेकर राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रही है और इसके बारे में निर्णय सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में रख कर लिया जाएगा। उन्होंने सभी नेताओं से लिखित रूप में अपने सुझाव भेजने का आग्रह किया ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से कहा, “केंद्र और राज्य सरकार की टीमें एक साथ टीका वितरण के लिए काम कर रही हैं। भारत में अन्य देशों की तुलना में वैक्सीन वितरण की क्षमता बेहतर है। हमारे पास टीकाकरण के क्षेत्र में बहुत बड़ा और अनुभवी नेटवर्क है। हम इसका पूरा फायदा उठाएँगे।”

पहले वैक्सीन किसे उपलब्ध कराई जाएगी, इस पर चर्चा के बीच पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही वैज्ञानिक हरी झंडी देंगे, भारत में टीकाकरण शुरू हो जाएगा। हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और गंभीर बीमारियों से पीड़ित बुजुर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसी पर आगे बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा- “करीब 8 ऐसी संभावित वैक्सीन हैं, जो ट्रायल के अलग-अलग चरण में हैं और जिनका उत्पादन भारत में ही होना है। भारत की अपनी 3 वैक्सीन का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। विशेषज्ञ ये मान रहे हैं कि वैक्सीन के लिए बहुत ज़्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।”

अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने एक विशेष सॉफ्टवेयर भी बनाया है – ‘Co-WiN’, जिसमें आम लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन का उपलब्ध स्टॉक और उससे जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा,

“एक नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में केंद्र के लोग, राज्य सरकारों के लोग और एक्सपर्ट हैं। कोरोना वैक्सीन के वितरण पर यही ग्रुप सामूहिक रूप से निर्णय लेगा।”

PM मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विकसित देशों को भी काफी मुश्किल हुई है लेकिन भारत ने एक राष्ट्र के तौर पर बेहतरीन काम किया है। राजनीतिक दलों को वैक्सीन वितरण से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकना चाहिए।

हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों का साहस इस लड़ाई के दौरान अदम्य और अभूतपूर्व रहा है। हमने अपने साथ, अन्य देशों की भी मदद का प्रयास किया। अब जब हम वैक्सीन के मुहाने पर खड़े हैं तो वही वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। टीकाकरण की अफवाहें जनहित और राष्ट्रहित, दोनों तरह से नुकसानदेह हैं। हमें लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करना होगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
- विज्ञापन -

 

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

मुंगेर में माँ दुर्गा भक्तों पर गोलीबारी करने वाले सभी पुलिस अधिकारी बहाल, जानिए क्या कहती है CISF रिपोर्ट

बिहार पुलिस द्वारा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर बर्बरता बरतने के महीनों बाद सभी निलंबित अधिकारियों को वापस सेवा में बहाल कर दिया गया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe