Wednesday, April 1, 2020
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ममता ने रोका अमित शाह का हेलीकॉप्टर, पीयूष गोयल ने पूछा बंगाल में आपातकाल है या नहीं?

प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में ख़तरा बताने के बाद एक अंग्रेजी टीवी चैनल ने मौके का मुआयना किया तो प्रशासन की सारी पोल खुल गई। हेलीपैड क्षेत्र और रनवे के पास निर्माण सामग्री का नामो-निशान तक नहीं मिला।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने मालदा जिले में अमित शाह के हेलीकॉप्टर को उतारने की अनुमति देने से इनकार करते हुए, कई झूठे कारण गिनाए। इस पर पीयूष गोयल ने महागठबंधन से ही सवाल पूछा है कि क्या अब किसी को बंगाल में लोकतंत्र ख़तरे में नहीं दिख रहा?

“एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को राज्य में रैली से रोकने में असहिष्णुता नज़र नहीं आ रही। यदि ऐसा किसी ज़रूरी कारण से भाजपा शासित किसी राज्य में होता तो अब तक आपातकाल आ चुका होता।”

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 22 जनवरी को मालदा में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। उन्हें रैली में हिस्सा लेने के लिए कोलकाता से मालदा हेलीकॉप्टर से रवाना होना है।

प्रशासन की दलील

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ममता बनर्ज़ी ने जिला प्रशासन का हवाला देते हुए पहले कहा कि इस सप्ताह में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति देना संभव नहीं है। प्रशासन ने पत्र लिखकर कहा कि मालदा मंडल के कार्यकारी इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी (सिविल) की रिपोर्ट के अनुसार, मालदा में हवाई अड्डे पर काम चल रहा है। धूल और अन्य सामान रनवे के चारों ओर पड़ा है, साथ ही निर्माण के चलते अस्थायी हेलीपैड का रख-रखाव ठीक से नहीं किया गया है। इस स्थिति में हवाई अड्डा हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए उपयुक्त नहीं है। इसी वजह से अमित शाह के हेलीकॉप्टर को लैंडिग की अनुमति दे पाना संभव नहीं है।

ग्राउंड रिपोर्ट में प्रशासनिक दलील का पर्दाफ़ाश

प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में ख़तरा बताने के बाद एक अंग्रेजी टीवी चैनल ने मौके का मुआयना किया तो प्रशासन की सारी पोल खुल गई। हेलीपैड क्षेत्र और रनवे के पास निर्माण सामग्री का नामो-निशान तक नहीं मिला। वहीं हवाई अड्डे पर काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों की मानें तो हेलीकॉप्टर नियमित रूप से हवाई अड्डे से बाहर चल रहे हैं।

हवाई अड्डे के आस-पास काम करने वाली दीपाली दास कहती हैं, “मंत्री और यात्री हेलीकॉप्टर से यहाँ आते हैं। पहले यहाँ सेवा बाधित थी लेकिन अब यहाँ ऐसा कुछ नहीं है। यहाँ ममता बनर्जी और मिथुन चक्रवर्ती के पास हेलीकॉप्टर है और वो लोग यहाँ उतरते रहे हैं।”

मालदा से बीजेपी नेता संजय शर्मा ने कहा कि पार्टी ने इस संबध में प्रशासन से बात की है। उन्होंने कहा, “टीएमसी इस बात को लेकर घबराई हुई है कि अगर अमित शाह मालदा की इस रैली में आएँगे, तो बीजेपी को अधिक समर्थन मिलेगा।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है, सरकार इस हवाई अड्डे का उपयोग कर रही है, लेकिन हमने जब अनुमति माँगी तो नियम बदल गए।

हालाँकि, बाद में बवाल होने पर ममता बनर्जी ने दलील दी कि अनुमति दी गई थी लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मना किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने चॉपर को कहीं और उतारने के लिए कहा था। ममता बनर्जी ने आगे कहा, “कभी-कभी मुझे भी पुलिस के कहने पर ऐसा करना पड़ता है। हमने अमित शाह को रैली के लिए परमीशन दे दी है क्योंकि हम लोकतंत्र में यक़ीन रखते हैं जबकि बीजेपी बात को तोड़-मरोड़ कर लोगों को ग़ुमराह कर रही है।”

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