Monday, April 19, 2021
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ऑपइंडिया के फ़ैक्ट-चेक के बाद बिज़नेस स्टैण्डर्ड ने हटाया अपना आर्टिकल

बिज़नेस स्टैण्डर्ड द्वारा अपनी भ्रामक स्टोरी हटाने के बाद ट्विटर पर लोगों के ऑपइंडिया को उसके बृहद रिसर्च के लिए धन्यवाद दिया।

ऑपइंडिया ने रविवार (जनवरी 13, 2019) को एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे बिज़नेस स्टैण्डर्ड (BS) ने गूगल ट्रेंड्स डेटा को गलत तरीके से इस्तेमाल कर राहुल गाँधी को नरेंद्र मोदी से आगे दिखा दिया। अपनी रिपोर्ट में बिज़नेस स्टैण्डर्ड ने गूगल ट्रेंड्स के आधार पर ये दावा किया था कि राहुल गाँधी, मोदी से ज्यादा लोकप्रिय हैं। लेकिन, अभिषेक बनर्जी ने 1 जनवरी 2018 से 6 जनवरी तक के डाटा को खँगालते हुए गूगल पर नरेंद्र मोदी और राहुल गाँधी की लोकप्रियता की तुलना की। इसके बाद ये पता चला कि BS ने गूगल ट्रेंड्स डेटा को गलत तरीके से पेश किया था।

ऑपइंडिया द्वारा फ़ैक्ट-चेक प्रकाशित करने के बाद BS ने अपने उस आर्टिकल को हटा दिया है। उस लिंक पर अब ‘स्टोरी विथड्रॉन (Story Withdrawn)’ का एक मैसेज भी दिखाया जा रहा है। साथ ही ये कारण बताया जा रहा है कि आख़िर क्यों इस स्टोरी को हटा दिया गया। BS ने अपना आर्टिकल हटाने के पीछे का कारण बताते हुए लिखा है:

“यह आर्टिकल हटा दिया गया है क्योंकि ‘सबसे अधिक खोजे जाने वाले राजनेता’ की खोज करने के विभिन्न तरीके हैं और कुछ अन्य तरीकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गाँधी से आगे हैं।”

ऑपइंडिया के फ़ैक्ट-चेक के बाद बिज़नेस स्टैण्डर्ड ने हटाई अपनी स्टोरी।

ऑपइंडिया के फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट में सबसे पहले Modi और Rahul कीवर्ड्स डाल कर पिछले एक वर्ष के गूगल ट्रेंड्स डाटा को खँगाला गया जिसमे ये पता चला कि पूरे साल मोदी लोकप्रियता के मामले में राहुल से काफ़ी आगे रहे।

Modi और Rahul कीवर्ड्स की तुलना।

BS के लेख को करीब से देखने पर ये पता चल रहा था कि उन्होंने नरेंद्र मोदी और राहुल गाँधी के पूरे नाम की गूगल ट्रेंड्स में तुलना की थी। ऑपइंडिया ने भी इसी अवधि में Narendra Modi और Rahul Gandhi नामक कीवर्ड्स डाल कर डेटा को समझने की कोशिश की। इस से मिले परिणामों में राहुल गाँधी कहीं भी नरेंद्र मोदी के सामने नहीं ठहरते। हाँ, 9 दिसंबर से 15 दिसंबर तक की अवधि में राहुल गाँधी ज्यादा सर्च किए गए। ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि उस दौरान पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आए थे और कॉन्ग्रेस तीन राज्यों में सरकार बनाने में सफल रही थी।

Narendra Modi और Rahul Gandhi कीवर्ड्स की तुलना।

इसके अलावे ऑपइंडिया के इस लेख में टर्म सर्च (Term Searches) और टॉपिक सर्च (Topic Search) के बीच का अंतर भी बताया गया है। टर्म सर्च अनिश्चित परिणाम देते हैं जबकि टॉपिक सर्च निश्चित (Precise) परिणाम देते हैं।

न्यूज़ सेक्शन में भी नरेंद्र मोदी राहुल गांधी से काफ़ी आगे हैं।

जब टॉपिक सर्च के डाटा को खंगाला गया तो उसमे भी नरेंद्र मोदी राहुल गाँधी से काफ़ी आगे दिखे। फिर केटेगरी के अंतर्गत न्यूज़ (News) वाला सेक्शन चुना गया। इस सेक्शन में भी नरेंद्र मोदी साफ़-साफ़ आगे दिखे। जबकि BS ने दावा किया था कि न्यूज़ सेक्शन में राहुल गाँधी आगे हैं।

फ़िलहाल BS द्वारा इस लेख को हटाए जाने के बाद ट्विटर पर लोगों ने ऑपइंडिया की तारीफ़ की है और ऑपइंडिया को इस बृहद रिसर्च के लिए धन्यवाद दिया है। इस से पहले BBC को भी हमारे फ़ैक्ट-चेक के बाद अपनी रिपोर्ट एडिट करनी पड़ी थी। एक अलग मामले में ‘द वायर’ को भी हमारे फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट के बाद अपनी स्टोरी को एडिट करना पड़ा था।

इस से पहले जनवरी 3, 2019 को प्रकाशित एक लेख में भी ऑपइंडिया ने ऑनलाइन सर्च डाटा के आधार पर दिखाया था कि भारतीयों की राहुल गाँधी में कोई रूचि नहीं है। इस लेख में ये भी बताया गया था की ख़ासकर उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी काफ़ी लोकप्रिय हैं और राहुल गाँधी उनके सामने कहीं नहीं ठहरते। यूपी क्षेत्र के गूगल ट्रेंड्स को खंगालने पर पता चला था कि वहाँ मोदी की लोकप्रियता 93% है तो राहुल की सिर्फ 7% ही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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