झारखंड में रामनवमी जुलूस पर डेढ़ घंटे तक पत्थरबाजी, नरुल्लाह को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गाँववालों का कहना है कि जिस तरीके से जुलूस पर पथराव हुआ है और वहाँ जितनी अधिक में संख्या में पत्थर गिरे हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि इसकी साजिश पहले से ही रची गई थी, मोहल्ले के घरों की छतों पर पहले से ही इसके लिए पत्थर जमा किए गए थे।

शनिवार (अप्रैल 13, 2019) को रामनवमी के उत्सव पर झारखंड में दो जगह तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रजरप्पा थाना क्षेत्र के दुलमी प्रखंड के गाँव सिकनी और कसमार थाना क्षेत्र के कमलापुर में रामनवमी का जुलूस निकालने के दौरान झड़प हो गई

सिकनी गाँव में जुलूस निकालने के दौरान एक समुदाय विशेष द्वारा विरोध किए जाने के बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई और फिर पत्थरबाजी भी होने लगी। इस पथराव की वजह से जुलूस में शामिल लोगों के अलावा कई अधिकारियों को भी चोटें आई है। घटना के बाद सिकनी गाँव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों के लोगों को समझाने में जुटे हुए हैं। देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच तना-तनी का माहौल बना रहा। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है।

जुलूस में शामिल लोगों के मुताबिक, वे लोग तय रास्ते से ही रामनवमी का जुलूस गाँव में घुमा रहे थे। मगर इसी दौरान पहले से तैयार एक पक्ष के लोगों ने अपनी छतों से जुलूस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस पथराव में जुलूस में शामिल कई लोग घायल हो गए। इसके बाद जुलूस में शामिल लोगों ने भी पत्थर चलाना शुरू कर दिया। जुलूस के साथ मौजूद पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को अनियंत्रित होता देख तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना पाकर दुलमी सीओ किरण सोरेन, रजरप्पा के एसआई अरुण सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस बल पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए।

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लेकिन दोनों तरफ से हो रहे पथराव में कई अधिकारियों समेत पुलिस के जवानों को भी चोटें आई हैं। घायल अधिकारियों में दुलमी के सीओ किरण सोरेन भी शामिल हैं। घटना के बाद रामगढ़ के एसडीओ, एसडीपीओ, मजिस्ट्रेट, के अलावा सैकड़ों पुलिस के जवान पहुँचे। घायलों को तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रामनवमी पर निकाले गए जुलूस के ऊपर पत्थरबाजी की थी। जिस जगह से जुलूस निकाला जा रहा था, उस जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोगों का भी घर था। गाँववालों का कहना है कि जिस तरीके से जुलूस पर पथराव हुआ है और वहाँ जितनी अधिक में संख्या में पत्थर गिरे हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि इसकी साजिश पहले से ही रची गई थी, मोहल्ले के घरों की छतों पर पहले से ही इसके लिए पत्थर जमा किए गए थे। उनका कहना था कि पथराव के दौरान जुलूस में शामिल भीड़ ऐसे फँस गई कि वहाँ से भागने का मौका नहीं लगा।

अधिकांश ग्रामीणों को सिर पर चोट आईं क्योंकि घर की छतों से पथराव किया जा रहा था। जुलूस में हुए पथराव के बाद भगदड़ मच गई। इस बीच अचानक गाँव के बलदेव ठाकुर का पुत्र सुमित कुमार (8 वर्ष) लापता हो गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मगर पुलिस ने दो घंटे के भीतर बच्चे को ढूंढ़कर उसके परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद ग्रामीणों व परिजनों ने राहत की साँस ली। इसके साथ ही पुलिस ने जुलूस के ऊपर पत्थरबाजी करने के आरोप में नरूल्लाह नामक एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है और इस घटना में शामिल बाकी लोगों की छानबीन कर रही है।

वहीं, कसमार थाना क्षेत्र कमलापुर में भी रामनवमी जुलूस के कमलापुर मस्जिद की तरफ से निकलने के दौरान मुस्लिम समुदायों ने इसका विरोध किया, जिसकी वजह से तनाव पैदा हो गया। तनाव बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद कसमार के बीडीओ मोनिया लता, जरीडीह इंस्पेक्टर मो रुस्तम व कसमार थाना प्रभारी राजेंद्र चौधरी कमलापुर पहुँचकर दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को सुलझाया और जुलूस को वहाँ से आगे बढ़ाया।

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