Homeबड़ी ख़बरसैनिकों की शहादत पर कॉन्ग्रेस का घटिया बयान

सैनिकों की शहादत पर कॉन्ग्रेस का घटिया बयान

ऐसे में साफ जाहिर होता है कि कॉन्ग्रेस को देश के सुरक्षा या स्वाभिमान की जरा भी चिंता नहीं है। सत्ता पाने के लिए सुरजेवाला जैसे नेता किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने भारतीय सुरक्षा बल के जवानों पर आत्मघाती हमला किया। इस हमले में सेना के दो दर्जन से अधिक जवान शहीद हो गए। आतंकी द्वारा इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम देने के बाद कॉन्ग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला का एक बेकार-सा बयान सामने आया है।

कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके सेना के शहीद 18 बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा उन्होंने दु:ख की इस घड़ी में घटिया बयान देते हुए कहा, “इस मोदी सरकार के पिछले 5 वर्षों में यह 18वाँ बड़ा आतंकी हमला है। 56 इंच की छाती कब जवाब देगी?”

इस तरह सुरजेवाला के इस बयान से साफ ज़ाहिर होता है कि देश की सुरक्षा और सम्मान से भी अधिक वोट बैंक की राजनीति कॉन्ग्रेसी नेताओं के लिए मायने रखती है। जब पूरा देश सेना के जवानों के शहीद होने पर दु:ख महसूस कर रहा है, तब देश की दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता द्वारा राजनीतिक बयान देना बिल्कुल शर्मनाक है।

यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस से इस तरह के बयान आए हैं। दिसंबर 2018 में शगीर सईद खान ने राज्य के लोगों से भरोसा दिलाया था कि अगर कॉन्ग्रेस की सरकार बनी तो आतंक के नाम पर मारे गए लोगों के परिवार को एक करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी दी जाएगी।

ऐसे में साफ जाहिर होता है कि कॉन्ग्रेस को देश के सुरक्षा या स्वाभिमान की जरा भी चिंता नहीं है। सत्ता पाने के लिए सुरजेवाला जैसे नेता किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते हैं। दर्द की इस घड़ी में जब देश के सभी राजनीतिक दलों को एक साथ इस आत्मघाती हमले के ख़िलाफ़ आवाज बुलंद करना चाहिए था, जब शहीद जवानों के परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था, तब सुरजेवाले ने राजनीतिक बयान देकर कॉन्ग्रेस पार्टी के असली चेहरा को उजागर किया है।


CRPF पर आतंकी हमले के बाद नीच लोगों की ‘संवेदनशील’ राजनीति शुरू हो गई है
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -