Wednesday, July 24, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा14411 हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सुरक्षाबलों को गालियाँ दे रहे पाकिस्तानी

14411 हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सुरक्षाबलों को गालियाँ दे रहे पाकिस्तानी

इस हेल्पलाइन पर 11 अगस्त से 16 अगस्त के बीच 7,071 कॉल्स आईं। जिसमें से 171 कॉल्स भारत के बाहर से आईं और 2,700 कॉल्स...

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने के बाद से सरकार वहाँ पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही है। इसके मद्देनज़र सीआरपीएफ ने कश्मीर में आम जनता की सहायता के लिए मददगार हेल्पलाइन लॉन्च की, ताकि कश्मीर के बाहर रह रहे लोग अपने परिजनों का हाल-चाल जान सकें। मगर कुछ पाकिस्तानियों ने इसे भड़ास निकालने की जगह बना ली है।

बता दें कि इस हेल्पलाइन पर 11 अगस्त से 16 अगस्त के बीच 7,071 कॉल्स आईं। जिसमें से 171 कॉल्स भारत के बाहर से आईं और 2,700 कॉल्स राज्य में तैनात सुरक्षाकर्मियों के परिवारों से आईं। लोग हेल्पलाइन पर फोन कर अपने परिवार और रिश्तेदारों की खैरियत मालूम कर रहे थे। इस दौरान हेल्पलाइन पर कुछ कॉल्स पाकिस्तान की तरफ से भी आए। पाकिस्तान की तरफ से कॉल करने वालों में से कुछ कॉलर्स ने तो अपनों की खैरियत के बारे में पूछा मगर कुछ ने तो सुरक्षा बलों को ही खरी-खोटी सुना दी। पाकिस्तान से फोन करने वाले  कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों को जमकर अपशब्द कहे और भड़ास निकाली।

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

कुल 22 देशों से कश्मीर में अपनों का हाल जानने के लिए फोन आए। इनमें से 39 यूएई से, 12 कुवैत से, 8 इजरायल और मलयेशिया से, 7 रूस से, 6 यूएस और तुर्की से, 5 ऑस्ट्रेलिया से, 4 यूके, सिंगापुर और बांग्लादेश से, 3 फोन कॉल्स कनाडा, बहरीन, जर्मनी, फिलीपींस और थाइलैंड से फोन कॉल्स आए। इसके साथ ही, 2 ओमान, फ्रांस और बेल्जियम से जबकि 1 फोन कॉल चीन और एक कतर से आया। हेल्पलाइन नंबर पर अधिकतम कॉल (2,448) राज्य के बाहर रहने वाले कश्मीरियों के थे, जबकि 1,752 कॉल कश्मीर के बाहर गैर-कश्मीरियों द्वारा किए गए थे। हेल्पलाइन नंबर 14411 पर 11 अगस्त से 16 अगस्त के बीच सउदी अरब से 45 कॉल्स आईं हैं।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से हुई बातचीत में बताया कि उन्हें भी कई पाकिस्तानी नंबरों से फोन आए थे, कुछ सही मायने में कश्मीर में रिश्तेदारों की खैरियत के बारे में पूछताछ करते हैं, लेकिन कुछ पाकिस्तानी सिर्फ गालियाँ देने और अपशब्द कहने के लिए ही फोन करते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -