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वतन-वापसी: ओमान में कैद-भूख के बाद सकुशल लौटीं कुलसुम बानो ने सुषमा स्वराज को कहा – Thank You

भारतीय दूतावास ने बानो पर लगाया गया 5000 रियाल का जुर्माना अदा किया और उन्हें वापस भारत भेज दिया। 8 मई को कुलसुम की वतन वापसी हुई।

नौकरी का झांसा देकर हैदराबाद से ओमान ले जाई गई एक महिला 5 महीने बाद देश लौट आई है। मीडिया से हुई बातचीत में महिला ने अपनी आपबीती साझा की है और वतन-वापसी के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारतीय दूतावास को धन्यवाद दिया है।

कुलसुम बानो नामक महिला का कहना है कि अबरार नाम के एजेंट ने उन्हें मस्कट के ब्यूटी पार्लर में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। एजेंट ने महिला से कहा था कि इस काम के लिए उसे तीस हजार रुपए मिलेंगे लेकिन वहाँ पहुँचने के बाद कुलसुम से घर के काम कराए जाने लगे।

कुलसुम बताती हैं कि उन्होंने वहाँ 1 महीने तक काम किया और फिर काम करने से मना कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें 10 दिन तक कमरे में रखकर उनके साथ मारपीट की गई और खाने के लिए भी उन्हें कुछ नहीं दिया गया।

कुलसुम का कहना है कि इस दौरान उन्होंने ओमान स्थित भारतीय दूतावास में सहायता माँगी। दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें 4 महीने दूतावास में रहने दिया। यहाँ उन्होंने अपनी बेटी से संपर्क किया और सारी परेशानी बताई तो बेटी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इस मामले की शिकायत की।

इसके बाद भारतीय दूतावास ने उन पर लगाया 5000 रियाल का जुर्माना अदा किया और उन्हें वापस भारत भेज दिया गया। 8 मई को कुलसुम की वतन वापसी हुई।

बता दें इससे पहले हैदराबाद के रहने वाले एक कुरान टीचर को भी इसी तरह किसी एजेंट ने झांसा देकर सऊदी भेज दिया था। वहाँ पर उनसे सफाई का काम करवाया गया था। हाफिज़ ने भी भारत लौटकर सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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