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अब भारत में बनेगी मंकीपॉक्स की वैक्सीन, मोदी सरकार ने निकाला टेंडर: 101 देशों को कोरोना वैक्सीन की 24 करोड़ खुराक दे चुका है भारत

सरकार ने मंकीपॉक्स के निदान के लिए 15 प्रयोगशालाओं को नामित किया है और दो चरणों में आरटी पीसीआर परीक्षण करने के लिए पर्याप्त उपकरण हैं।

दुनियाभर में कहर मचा रहे मंकीपॉक्स ने भारत में भी दस्तक दे दी है। ऐसे में इसकी गंभीरता को देखते हुए बुधवार (27 जुलाई 2022) को केंद्र सरकार ने वैक्सीन निर्माताओं से इस वायरस के लिए वैक्सीन बनाने को कहा है। इसके साथ ही डायग्नोस्टिक किट निर्माताओं को भी बीमारी के लिए डायग्नोस्टिक किट का निर्माण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने खुलासा किया था कि भारत ने मंकीपॉक्स वैक्सीन विकसित करने के लिए वैक्सीन निर्माताओं के साथ चर्चा शुरू कर दी है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर मामले बढ़ गए हैं। ईओआई दस्तावेजों में कहा गया है कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) अनुसंधान और विकास सत्यापन के लिए मंकीपॉक्स वायरस स्ट्रेन/आइसोलेट्स उपलब्ध कराने को तैयार है। दरअसल, ICMR ने मंकीपॉक्स के खिलाफ वैक्सीन उम्मीदवार और संक्रमण के लिए डायग्नोस्टिक किट के विकास में संयुक्त सहयोग के लिए अनुभवी वैक्सीन निर्माताओं, फार्मा कंपनियों, अनुसंधान और विकास संस्थानों और इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) किट निर्माताओं से EOI को भी आमंत्रित किया।

ब्लूमबर्ग ने सरकारी थिंक टैंक NITI Aayog के सदस्य और कोविड -19 पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के प्रमुख विनोद कुमार पॉल के हवाले से कहा, “हम पहले से ही संभावित खिलाड़ियों के साथ जुड़ रहे हैं।” थिंक टैंक के मुताबिक, “जैसा कि आप जानते हैं हमारे पास अपनी वैक्सीन क्षमता की एक मजबूत उपस्थिति है, इसलिए यह भी सरकार के सक्रिय विचार के अधीन है।”

गौरतलब है कि भारत में अब तक मंकीपॉक्स के 4 कन्फर्म और एक 1 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने मंकीपॉक्स के निदान के लिए 15 प्रयोगशालाओं को नामित किया है और दो चरणों में आरटी पीसीआर परीक्षण करने के लिए पर्याप्त उपकरण हैं।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सदन में सरकार ने बताया था कि भारत ने 101 देशों को 23.9 करोड़ कोरोना की वैक्सीन खुराक की आपूर्ति की है। इसके साथ ही इसके तहत UN संस्थाओं को अनुदान, वाणिज्यिक निर्यात किया गया। ये निर्यात 15 जुलाई 2022 तक किए गए। इस सवाल के जबाव में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने आगे कहा कि 19 जुलाई तक कुल 200.34 करोड़ कोरोना वैक्सीन की खुराक 12 साल से अधिक उम्र की आबादी को दी गई है।

कुछ राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के पर टिप्पणी करते हुए पवार ने आगे कहा कि हालाँकि, इन राज्यों में COVID-19 मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन देश में टीकाकरण कवरेज में वृद्धि के कारण मृत्यु दर और अस्पताल में भर्ती होना नियंत्रण में है। मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हर घर दस्तक 2.0 अभियान की शुरुआत 1 से 31 जुलाई के बीच की गई है, ताकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों तक पहुँच बनाई जा सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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