Thursday, August 5, 2021
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‘हलाल पर्यटन योजना’ Vs ‘पोर्क उत्सव’: इंडोनेशिया में मुस्लिम गवर्नर का ईसाई समुदाय ऐसे कर रहे विरोध

इंडोनेशिया में लगभग 90% आबादी मुस्लिम है, जबकि बाक़ी आबादी का अधिकतम हिस्सा ईसाई आबादी का है। बौद्ध और हिन्दू छोटे समुदाय हैं। ईसाई लोग नियमित रूप से...

इंडोनेशिया में नॉर्थ सुमात्रा के गवर्नर ईडी रहमायादी ने तोबा झील देखने आए मुस्लिम पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ‘हलाल टूरिज्म’ का प्रस्ताव रखा, वहीं दूसरी तरफ़ क्षेत्र के ईसाइयों ने इसका विरोध करने के लिए दो दिवसीय ‘पोर्क उत्सव’ के आयोजन की योजना बनाई है। तोबा के पर्यटन उद्योग ने 1997 के एशियाई वित्तीय संकट और 2002 बाली बम विस्फोट के बाद अच्छा विकास किया है और इसलिए गवर्नर ने सोचा कि ‘हलाल पर्यटन’ उद्योग को और बढ़ावा देगा।

रहमायादी ने मस्जिदों के निर्माण का प्रस्ताव दिया था और रेस्तरां के लिए हलाल प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया था। उन्होंने कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से सूअर मारने की ग़ैर-हलाल प्रथा को विनियमित करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा था कि योजना पोर्क-आधारित भोजन बेचने वाले खाद्य विक्रेताओं के लिए एक नीति लागू करेगी। रहमायादी ने संवाददाताओं से कहा, “अगर मुस्लिम पर्यटक यह सब देखेंगे, तो वे तोबा झील में फिर कभी वापस नहीं आएँगे।”

हालाँकि, इस क्षेत्र में रहने वाली ईसाई आबादी के बताक (इंडोनेशिया के उत्तर सुमात्रा प्रांत में रहने वाले कई जातियों को सामूहिक रूप से कहा बताक कहा जाता है) ने इस क़दम का विरोध किया है। तोबा झील के आसपास के निवासी जन्मदिन और शादियों जैसे अवसरों को यादगार बनाने के लिए सुअर को मार कर दावत देते हैं।

इंडोनेशिया में लगभग 90% आबादी मुस्लिम है, जबकि बाक़ी आबादी का अधिकतम हिस्सा ईसाई आबादी का है। बौद्ध और हिन्दू छोटे समुदाय हैं। ईसाई लोग नियमित रूप से जनवरी में चीनी नव वर्ष पर पोर्क उत्सव का आयोजन करते हैं जिसका नाम इस्लामी समूहों के विरोध के बाद ‘इम्लेक’ पर रखा गया था।

तोबा झील का गठन 74,000 साल पहले एक बड़े पर्यवेक्षणीय विस्फोट के बाद हुआ था, जो पिछले 25 मिलियन वर्षों में पृथ्वी पर सबसे बड़े विस्फोटक के रूप में जाना जाता है। अब यह एक बड़े ईसाई अल्पसंख्यक का घर है, जो अब इस क्षेत्र को मुस्लिम पर्यटन स्थल में बदलने योजनाओं के विरोध में है।

उत्तर सुमात्रा के गवर्नर ईडी रहमायादी ने प्रस्ताव दिया था कि उनका प्रशासन क्षेत्र में हलाल पर्यटन को बढ़ावा देगा, लेकिन बताक लोगों ने अब तोबा झील में और उसके आसपास पोर्क उत्सवों का आयोजन करके एक अनोखे तरीके से हलाल पर्यटन का विरोध करने का फ़ैसला किया है।

तोबा झील के बीच में समोसेर द्वीप के रीजेंट रैपिडिन सिंबलोन ने कहा कि वो गवर्नर की ‘हलाल और शरिया’ योजना का विरोध करेंगे।

पोर्क उत्सव के कार्यकर्ताओं में से एक, तोगु सिमोरंगकिर ने बताया कि इस उत्सव में लोगों को सूअर पकड़ने, सूअरों के वजन का अनुमान लगाने, सुअर के स्वच्छ स्टॉल लगाने और सूअरों के साथ सेल्फी लेने जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। सर्वश्रेष्ठ पोर्क स्टेक को एक पुरस्कार भी दिया जाएगा, साथ ही साथ स्टैंड-अप कॉमेडी और एक संगीत उत्सव का आयोजन भी होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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