Saturday, November 28, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 17 साल की लड़की को माँ-बेटे ने किया किडनैप, इस्लाम कबूल करा 2 महीने...

17 साल की लड़की को माँ-बेटे ने किया किडनैप, इस्लाम कबूल करा 2 महीने तक 5 लोगों ने बलात्कार किया

"मैं फर्श साफ कर रही थी तभी गुलाम रसूल और उसकी माँ घसीट कर मुझे बाहर ले गए। क्योंकि मैं मूक-बधिर हूँ, इसलिए मैं शोर मचा कर अपने घर वालों को बता नहीं पाई। मुझे जबरन इस्लाम कबूल कराया। उसके बाद 5 मुस्लिम युवकों ने..."

साल 2020 के मार्च महीने की 16 तारीख को पाकिस्तान के लाहौर में 17 साल की मूक बधिर लड़की का उसके घर से अपहरण किया गया और पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवक के साथ जबरन निकाह कराया गया। ब्रिटिश पाकिस्तानी क्रिश्चियन एसोसिएशन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ 17 मार्च को इस घटना के संबंध में संधा पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की थी।

पुलिस ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद स्थानीय विधायक तारिक गिल के दखल देने के बाद पुलिस ने पीड़िता के गायब होने के ठीक पहले उसकी माँ रुबीना के फोन पर आए कॉल को ट्रेस करना शुरू किया। 

जाँच के दौरान पता चला कि संदिग्धों का नाम अली मोबशीर और मोहम्मद अज़ीम है। पुलिस को यह भी पता चला कि जिस वक्त पीड़िता गायब हुई थी, उस वक्त यह दोनों उसके घर के पास ही मौजूद थे। इसके बाद पुलिस ने अज़ीम से संपर्क करने का प्रयास किया और उसने पूछताछ में सहयोग करने पर सहमति भी जताई लेकिन बाद में मोबशीर के साथ 2 महीने तक गायब रहा। 10 अप्रैल को रुबीना के पास एक और कॉल आया, जिसमें उसने कथित तौर पर अपनी बेटी की आवाज़ सुनी। 

इस बात की जानकारी पुलिस को दी जाने के बाद जब नंबर की ट्रेसिंग शुरू हुई तो उसकी लोकेशन पड़ोस में रहने वाले कासिफ़ गुलाम रसूल घर पर मिली। रसूल के अलावा मोहम्मद अज़ीम, मोबशीर अली और अली अब्बास पीड़िता को वैन में लेकर गए थे, जिसमें से एक आरोपित की पहचान नहीं हो पाई है। संधा पुलिस ने तीनों आरोपितों को ओकारा शहर के दीपालपुर से गिरफ्तार कर लिया है जबकि कासिफ गुलाम रसूल अभी फ़रार चल रहा है।

आरोपित के चाचा का दावा, लड़की कासिफ की जायदाद है  

घटना के कुछ समय बाद आरोपित कासिफ का चाचा 5 जून को पीड़िता के साथ पुलिस थाने आया, जो कि 2 महीने से लापता थी। इसके बाद उसने निकाह का फर्ज़ी इस्लामी प्रमाण पत्र और पीड़िता की उम्र 18 वर्ष बताने के लिए फर्ज़ी आयु प्रमाण पत्र दिखाया। इसके अलावा आरोपित के चाचा ने सहमति का दस्तावेज़ भी दिखाया, जिससे वह साबित करना चाहता था लड़की ने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम स्वीकार किया है।

इसके बाद उसने पीड़िता को अपने घर वालों से मिलने के लिए जाने दिया और साथ में यह चेतावनी भी दी कि उसे अपने परिवार के पास वापस नहीं भेजा जाएगा। अंत में उसने दावा भी किया कि लड़की अपने पति की जायदाद है और अपने परिवार से मिलने के बाद उसे अपने पति के पास लौटना होगा। 

पुलिस ने नकारी पीड़िता को परिवार के हवाले करने की बात

अपनी बेटी से मुलाक़ात पर रुबीना ने बताया कि सांकेतिक भाषा में बात करते हुए कोमल बहुत ज्यादा हैरान और परेशान नज़र आ रही थी। पीड़िता ने बताया कि 5 मुस्लिम युवकों ने उसे बंधक बना कर उसके साथ बलात्कार किया और अपहरणकर्ता को हिरासत में लेने की जगह उल्टा उसे बंधक बना कर रखा गया। रुबीना ने यह सारी बातें पुलिस को बताईं, फिर भी पुलिस ने उसकी अपनी बेटी को साथ लेकर जाने से मना कर दिया। 

इसके बाद स्थानीय विधायक तारिक गिल ने पुलिस थाने पहुँच कर पीड़िता को रिहा करने और मामले की जाँच करने की बात कही। 6 जून को डॉक्टर तौकीर आसिफ़ा द्वारा किए गए मेडिकल परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि पीड़िता का शारीरिक शोषण और बलात्कार हुआ है। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग में किए गए इस मेडिकल परीक्षण के दौरान पीड़िता के बाएँ पैर और दाहिनी कलाई पर कई घाव मिले। 

कोमल ने सुनाई पूरी घटना 

लाहौर में डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर के सामने सांकेतिक भाषा के माध्यम से घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कोमल ने कहा:

“मैं 1.30 बजे अपने घर का फर्श साफ़ कर रही थी तभी कासिफ गुलाम रसूल और उसकी माँ रकिया अचानक से आए और घसीट कर मुझे बाहर ले गए। क्योंकि मैं मूक-बधिर हूँ, इसलिए मैं शोर मचा कर अपने घर वालों को बता नहीं पाई कि मेरे साथ क्या हो रहा है। इसके बाद उन्होंने मुझे एक कार में बैठाया और रावी नदी के किनारे लेकर गए। 19 मार्च को वह मुझे लाहौर स्थित जामिया नामिया लेकर गए और वहाँ मुझे जबरन इस्लाम कबूल कराया, कासिफ ने यह सब कुछ अंजाम दिया। उसने ही मुझसे जबरन निकाह भी किया, इसके बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मुझे अलग-अलग जगहों पर लेकर गया और इस दौरान वह मुझे पीटता भी था।”

पीड़िता की हालत सुधरी नहीं और मुख्य आरोपित को मिल गई जमानत 

कासिफ और उसकी माँ ने गिरफ्तारी के पहले मिलने वाली एडिशनल सेशन जज ज़ुल्फ़िकर अली के सामने गिरफ्तारी के पहले ही जमानत के लिए याचिका दायर की थी। आखिरकार 30 हज़ार रुपए का बॉन्ड भरने के बाद उन्हें जमानत दे दी गई। इसके बाद दार-उल-अलूम जामिया नामिया के करी मोहम्मद सईद ने ने बयान दिया था कि कोमल ने बिना किसी डर के इस्लाम कबूल किया था और 19 मार्च को उसका निकाह कानूनी तरीके से किया गया था।

पीड़िता ने पिता पैटरस मसीह ने भी इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर दुःख जताया था। लाहौर प्रेस क्लब के सामने हुए विरोध प्रदर्शन के बाद सीआईए डीसीपी जावेद सादिक ने पीड़िता के परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। फ़िलहाल पीड़िता को एक खुफ़िया स्थान पर रखा गया है, जहाँ उसकी हालत में सुधार के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। 

ब्रिटिश एशियन क्रिश्चियन एसोसिएशन के चेयरपर्सन जूलियट चौधरी ने बताया, “लड़की पर भयावह और दर्दनाक हमला हुआ था। मेरे उम्र की भी ऐसी शायद ही कोई महिला होगी, जो इस तरह के हमले से उबर पाए, उसने जितनी हिम्मत दिखाई है, वह सराहनीय है। उसने अंत तक ईश्वर से प्रार्थना की और भरोसा बनाए रखा। मेरी बेटी हैना भी ठीक उतनी ही उम्र की है और वह भी ब्रिटिश सांकेतिक भाषा समझती है, जैसे ही कोमल की हालत बेहतर होगी, मेरी बेटी उससे ज़रूर बात करेगी। जैसे ही यहाँ की क्रिश्चियन महिलाओं को इस घटना की पूरी जानकारी मिली कि उस बच्ची ने क्या-क्या झेला, सभी को बहुत कष्ट हुआ। यह घटना हमारे लिए आँख खोलने वाली है लेकिन सवाल यह है कि कितने लोग इस अत्याचार को रोकने के लिए आगे आना चाहते हैं।”                                  

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोरोना संक्रमण पर लगातार चेताते रहे, लेकिन दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि रोकथाम के लिए केजरीवाल सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए।

क्या घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को RAW में बहाल करने जा रही है भारत सरकार?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को रॉ में बहाल करने जा रही है। जानिए, क्या है इस दावे की सच्चाई?

‘नॉटी, दो टके के लोग’: कंगना पर फट पड़ीं मुंबई की मेयर, ऑफिस तोड़ने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रनौत के लिए 'नॉटी' का इस्तेमाल किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत के लिए इस शब्द का अर्थ 'हरामखोर' है।

जहाँ ममता बनर्जी ने खोदी थी वामपंथ की कब्र, वहीं उनकी सियासत को दफनाने की तैयारी में शुभेंदु अधिकारी

सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से ममता बनर्जी को सत्ता मिली। अब नंदीग्राम के शुभेंदु अधिकारी के बागी तेवरों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

हाथ में कलावा, समीर चौधरी नाम की ID: ‘हिंदू आतंकी’ की तरह मरना था कसाब को – पूर्व कमिश्नर ने खोला राज

"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

जहाँ बहाया था खून, वहीं की मिट्टी पर सर रगड़ बोला भारत माता की जय: मुर्दों को देख कसाब को आई थी उल्टी

पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...

मैं नपुंसक नहीं.. हिंदुत्व का मतलब पूजा-पाठ या मंदिर का घंटा बजाना नहीं, फ़ोर्स किया तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाऊँगा: उद्धव ठाकरे

साक्षत्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें विरोधियों के पीछे पड़ने को मजबूर ना किया जाए। इसके साथ ही ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब मंदिर का घंटा बजाना नहीं है।

कोरोना संक्रमण पर लगातार चेताते रहे, लेकिन दिल्ली सरकार ने कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र

दिल्ली में कोरोना क्यों बना काल? सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि रोकथाम के लिए केजरीवाल सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए।

क्या घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को RAW में बहाल करने जा रही है भारत सरकार?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को रॉ में बहाल करने जा रही है। जानिए, क्या है इस दावे की सच्चाई?

‘नॉटी, दो टके के लोग’: कंगना पर फट पड़ीं मुंबई की मेयर, ऑफिस तोड़ने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कंगना रनौत के लिए 'नॉटी' का इस्तेमाल किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत के लिए इस शब्द का अर्थ 'हरामखोर' है।

गाजीपुर में सड़क पर पड़े मिले गायों के कटे सिर: लोगों का आरोप- पहले डेयरी फार्म से गायब होती हैं गायें, फिर काट कर...

गाजीपुर की सड़कों पर गायों के कटे हुए सिर मिलने के बाद स्थानीय लोग काफी गुस्से में हैं। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

बंगाल: ममता के MLA मिहिर गोस्वामी बीजेपी में शामिल, शनिवार को शुभेंदु अधिकारी के आने की अटकलें

TMC के असंतुष्ट विधायक मिहिर गोस्वामी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी के भी शनिवार को बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है।

जहाँ ममता बनर्जी ने खोदी थी वामपंथ की कब्र, वहीं उनकी सियासत को दफनाने की तैयारी में शुभेंदु अधिकारी

सिंगूर और नंदीग्राम के आंदोलन से ममता बनर्जी को सत्ता मिली। अब नंदीग्राम के शुभेंदु अधिकारी के बागी तेवरों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान: प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में UP की योगी सरकार सबसे आगे

प्रवासी श्रमिकों को काम मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया था। उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

12वीं शताब्दी में विष्णुवर्धन के शासनकाल में बनी महाकाली की मूर्ति को मिला पुन: आकार, पिछले हफ्ते की गई थी खंडित

मंदिर में जब प्रतिमा को तोड़ा गया तब हालात देखकर ये अंदाजा लगाया गया था कि उपद्रवी मंदिर में छिपे खजाने की तलाश में आए थे और उन्होंने कम सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए मूर्ति तोड़ डाली।

कॉन्ग्रेस का कोढ़ है धर्मांतरण, रोकने को देर से बने कानून कितने दुरुस्त?

जिस विषय में संविधान निर्माताओं को 1949 से पता था, उस पर कानून बनाने में इतनी देर आखिर क्यों? नियम बनने शुरू भी हुए हैं तो क्या ये काफी हैं, या हमें बहुत देर से और बहुत थोड़ा देकर बहलाया जा रहा है?

FIR में अर्णब पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाई मुंबई पुलिस: SC ने बॉम्बे हाई कोर्ट को भी लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि आपराधिक कानून, उत्पीड़न का औजार नहीं बनना चाहिए, जमानत मानवता की अभिव्यक्ति है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,440FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe