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तालिबान ने कंधारी कॉमेडियन की हत्या से पहले थप्पड़ मारने का वीडियो किया शेयर, जमीन पर कटा मिला था सिर

तालिबानी आतंकी सूबे में सरकारी कर्मचारियों की तलाश में घर-घर जा रहे थे। गुरुवार को उन्होंने खाशा को पकड़कर एक पेड़ पर बाँध दिया और उनका गला काट दिया। स्थानीय पुलिस के रूप में काम करने वाले कॉमेडियन का कटा हुआ गला जमीन पर पड़ा हुआ मिला।

तालिबानी आतंकियों ने लोकप्रिय कॉमेडियन नजर मोहम्मद उर्फ खाशा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी है। आतंकियों ने उनकी हत्या करने से पहले उन्हें थप्पड़ मारने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को ईरान इंटरनेशनल के एक वरिष्ठ संवाददाता तजुदेन सोरौश (Tajuden Soroush) ने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। वीडियो में बंदूक लिए तालिबानी आतंकवादियों को खाशा को कई बार थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है।

सोरौश लिखते हैं, “इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कंधारी कॉमेडियन खाशा का पहले तालिबानी आतंकियों ने अपहरण किया। फिर इसके बाद आतंकियों ने उन्हें कार के अंदर कई बार थप्पड़ मारे और अंत में उनकी जान ले ली।”

कंधार प्रांत से ताल्लुक रखने वाले कॉमेडियन को आतंकी पिछले हफ्ते उनके घर से घसीटते हुए बाहर लाए और फिर पेड़ से बाँधकर उनकी हत्या कर दी। खबरों के मुताबिक, आतंकी सूबे में सरकारी कर्मचारियों की तलाश में घर-घर जा रहे थे। गुरुवार (22 जुलाई) को उन्होंने खाशा को पकड़कर एक पेड़ पर बाँध दिया और उनका गला काट दिया। स्थानीय पुलिस के रूप में काम करने वाले कॉमेडियन का कटा हुआ गला जमीन पर पड़ा हुआ मिला।

मारे जाने से पहले पेड़ से बंधे खाशा की तस्वीर। फोटो: the sun

हमेशा की तरह तालिबान ने हत्या की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया, लेकिन खाशा के परिवार वालों ने आतंकवादियों पर हत्या करने का आरोप लगाया है।

तालिबान ने 100 नागरिकों की हत्या की

अमेरिकी सैनिकों के पीछे हटने के बाद तालिबान ने सैकड़ों अफगानी नागरिकों को मार डाला। खासकर उन्हें जो सरकार या अमेरिकी सेना के लिए काम करते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं और प्रांत से 300 अन्य लोग लापता हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि दक्षिणी कंधार में 1,50,000 से अधिक नागरिक विस्थापित हुए हैं, जिसे 1990 के दशक में तालिबान का जन्मस्थान कहा जाता है।

कंधार की तीन बच्चों की माँ ज़ैनब ने कहा, “इस जंग ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। कुछ भागने में सफल रहे, लेकिन कई अभी भी लड़ाई में फँसे हुए हैं। हम सिटी सेंटर में रहते थे, लेकिन काबुल भाग गए।” उन्होंने कहा कि मैं अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर सकती हूँ, क्योंकि मुझे नहीं पता कि वे जीवित हैं या मर चुके हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले कंधार प्रांत में स्पिन बोल्डक जिले में तालिबानी आतंकियों द्वारा निर्दोष लोगों को गालियों से छलनी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। तालिबानी आतंकियों ने अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाते हुए उन लोगों को गोलियों से छलनी कर डाला था, जिन्होंने अफगान सरकार का समर्थन किया था।

इसके अलावा अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक जिले में तालिबान ने कई लोगों की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या कर दी थी। तालिबान ने घरों को लूटने और लोगों की हत्याएँ करने के बाद वहाँ पर अपने झंडे भी फहरा दिए थे। अफगान गृह मंत्रालय इस हिंसा और मासूमों की हत्याओं के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहरा रहा है।

तालिबान की हिट लिस्ट में अफगानी अनुवादक

ईद से ठीक पहले एक अफगानी अनुवादक सोहेल पारदीस का तालिबान ने सिर कलम कर दिया था। उन्हें आतंकियों से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। सोहेल के दोस्त और सहकर्मी अब्दुलहक अयूबी ने सीएनएन को बताया, “आतंकियों ने उससे कहा था कि तुम अमेरिका के जासूस हो, अमेरिकियों की आँखे हो, तुम काफिर हो और हम तुम्हें और तुम्हारे परिवार को मार डालेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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