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साल 1971, भारत के सामने हथियार डालती पाक फौज: अफगान उपराष्ट्रपति ने तस्वीर पोस्ट कर पाकिस्तान को मारे ताने

सालेह ने अपनी ट्विटर एकाउंट से 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान के ईस्टर्न कमांड के इंचार्ज जनरल नियाजी (आमिर अब्दुल्लाह खान नियाजी) की भारत के सामने सरेंडर करती हुई फोटो पोस्ट की।

तालिबान को पाकिस्तान द्वारा दी जा रही सहायता के सबूत देने के बाद अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने बुधवार (21 जुलाई 2021) को ट्विटर पर पाकिस्तान ट्रोल्स को करारा जवाब दिया। दरअसल, सालेह ने अपनी ट्विटर एकाउंट से 1971 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान के ईस्टर्न कमांड के इंचार्ज जनरल नियाजी (आमिर अब्दुल्लाह खान नियाजी) की भारत के सामने सरेंडर करती हुई फोटो पोस्ट की। यह फोटो अक्सर पाकिस्तानियों को चिढ़ाने के लिए काफी होती है।

सालेह ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा, “इतिहास में हमारे पास ऐसी कोई तस्वीर नहीं रही है और न ही रहेगी। हाँ, कुछ समय के लिए मैं हिल गया था जब रॉकेट हमारे ऊपर से गुजरा और थोड़ी दूर पर गिरा। तो पाकिस्तान के प्रिय ट्विटर हमलावरों, तालिबान और आतंकवाद इस तस्वीर के घावों पर मरहम नहीं लगा पाएंगे, इसलिए कोई और तरीका ढूँढ़े।”

सालेह द्वारा पोस्ट की गई इस फोटो को कहानी लिखे जाने तक 22,000 से अधिक लाइक और 8,000 से अधिक रिट्वीट मिल चुके हैं। हालाँकि, इस पर भी कई पाकिस्तानी इसी झूठी कल्पना से खुश हैं कि उन्होंने कभी कोई युद्ध हारा ही नहीं। दरअसल, काबुल में बकरीद के मौके पर राष्ट्रपति भवन में जब अशरफ गनी नमाज पढ़ रहे थे, तब वहाँ एक रॉकेट हमला हुआ था। इस पर उपराष्ट्रपति ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसके बाद उन पर पाकिस्तानी ट्रोल ट्विटर के जरिए हमला कर रहे थे।

सालेह द्वारा शेयर की गई यह ऐतिहासिक तस्वीर 16 दिसंबर 1971 की है। बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष के दौरान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) में पाकिस्तानी फौज के आला अधिकारियों ने 93,000 फौजियों के साथ भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था, उसी दौरान यह तस्वीर खींची गई थी। भारत ने पाकिस्तान पर अपनी सैन्य विजय को ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के रूप में मनाया था।

सालेह ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ तालिबान का पाकिस्तान खुले तौर पर समर्थन कर रहा है। अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति ने इसके संबंध में सबूत होने की बात भी कही। रिपोर्ट्स के अनुसार, सालेह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि तालिबान तीन भागों में विभाजित है, जिनमें से एक का नेतृत्व पाकिस्तान की स्पेशल एंटी-टेररिस्ट सेल के द्वारा किया जा रहा है।

हाल ही में सालेह ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें पाकिस्तान के नेता मोहसिन दावर खुले तौर पर अपने ही देश द्वारा तालिबान की सहायता करने की बात कह रहे हैं। हालाँकि, सालेह ने पाकिस्तान को यह कहते हुए चेतावनी भी दी है कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में आतंकियों के समर्थन के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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